ब्यूरो रिपोर्ट
अल्मोड़ा: गैरसैंण कमिश्नरी, बेरोजगारी व महंगाई के मुद्दे पर नाराज नौजवानों का काफिला सड़क पर है। सरकार से नाराज़ बेरोजगार युवाओं का कहना ही की उन्हे रोजगार चाहिए नई कमिश्नरी नहीं चाहिए। रथयात्रा के साथ उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ऐतिहासिक अल्मोड़ा व बागेश्वर का अस्तित्व बचाए रखने के लिए दोनों जिलों को कुमाऊं मंडल में ही रहने देने को निर्णायक जंग का ऐलान भी किया। बुधवार को रथ यात्रा रानीखेत होकर गुजरेगी। युवा जनसंघर्ष मंच के संयोजक मनोज बिष्ट की अगुवाई में मंगलवार को शिक्षित बेरोजगार व युवा वर्ग ने अल्मोड़ा जिला मुख्यालय में जुलूस निकाला। साथ ही जागेश्वरधाम से जनचेतना रथयात्रा भी शुरू की गई। इधर, जुलूस प्रदर्शन के दौरान हुई सभा में मंच संयोजक मनोज ने डीसीबी में विभिन्न पदों पर शुरू होने से पहले ही नियुक्ति प्रक्रिया रद करने को युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बताया। जिला सहकारी बैंक कार्यालय के गेट पर प्रदर्शन भी किया गया।

मंच संयोजक ने कहा कि अल्मोड़ा और बागेश्वर सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान है। इसके इतिहास व अस्तित्व से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों जिलों को कुमाऊं मंडल में ही रहने देने के लिए रथयात्रा के जरिये जनपदभर से युवा जोड़े जाएंगे। उन्हें जागरूक किया जाएगा। बुधवार को रथयात्रा रानीखेत, भिकियासैंण, सल्ट व द्वाराहाट विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेगी। इस मौके पर व्यापार मंडल वरिष्ठ उपसचिव राहुल बिष्ट, होटल एसोसिएशन के जिला मंत्री दिलजोत सिंह, परवेज कुरैशी, शकर सिंह बिष्ट, गिरीश पाडे, आशुतोष पवार, हरेंद्र शैली, रविंद्र सिंह बिष्ट, पूर्व वरिष्ठ उप सचिव विक्की साह आदि मौजूद रहे।