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क्या होता है सीजफायर… भारत और पाकिस्तान के बीच बनी सहमति, जान लीजिए इसके नियम

नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम (Ceasefire) हो गया है। दोनों देश फिलहाल संघर्ष रोकने पर सहमत हो गए हैं। इस बीच यह शब्द (सीजफायर) अचानक चर्चा में आ गया है। ऐसे में आपको बताते हैं कि आखिर सीजफायर होता क्या है। दरअसल, सीजफायर का मतलब होता है किसी भी संघर्ष पर विराम लगा देना। यानी इसके लागू होने पर संघर्ष अस्थायी या स्थायी तौर पर रुक जाता है।

संघर्ष कर रहे दो देश जब भी बॉर्डर पर आक्रामक कार्रवाई रोकने के लिए तैयार हो जाते हैं और वादा करते हैं कि इसे रोक दिया जाएगा तो इसे दो देशों के बीच हुआ सीजफायर माना जाता है। सीजफायर के हमेशा ही औपचारिक तौर पर किसी संधि की जरूरत नहीं होती है। दो देश अपनी सहमति के आधार पर भी यह फैसला ले सकते हैं। ये समझौता पूरा होने के बाद भी अगर कोई देश बॉर्डर पर अपने एक्शन जारी रखता है तो इसे सीजफायर का उल्लंघन माना जाता है।

सीजफायर लाइन को लेकर बनी थी सहमति

भारत और पाकिस्तान की बात की जाए तो जब 1947 में कश्मीर के लिए दोनों देशों के बीच जंग हुई। इस युद्ध को रोकने के लिए यूनाइटेड नेशन बीच में आया। यूएन के हस्तक्षेप के बाद 1949 में भारत-पाकिस्तान ने अपनी सहमति से जम्मू-कश्मीर पर एक लाइन स्थापित की, जिसे सीजफायर लाइन माना गया। इस लाइन पर सहमति बनाने के लिए भारत और पाकिस्तान के तब के आर्मी चीफ ने बैठक भी की थी।

कई बार हो चुका है सीजफायर का उल्लंघन

लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) पर बने बैरियर्स समझौते के मुताबिक दोनों देशों की सरकारों ने इस बात पर सहमति जताई थी कि वे एक-दूसरे के खिलाफ दुष्प्रचार रोकने कोशिश करेंगी। दोनों ही देश इंटरनेशनल बॉर्डर तैनात की गई सेना को हटा लेंगे। हालांकि, भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर समझौते का कोई असर तब से लेकर अब तक नजर नहीं आया। पाकिस्तान की तरफ से कई बार इस सीजफायर समझौते का उल्लंघन किया जा चुका है।

भारत के बैरियर्स लगाने से नाराज था पाकिस्तान

भारत ने 1990 में LOC पर बैरियर्स लगाने शुरू किए। लेकिन 1999 में फिर से दोनों देश युद्ध के लिए आमने-सामने आ गए। 2004 तक बैरियर्स का काम पूरा हो गया। पाकिस्तान बैरियर्स लगाने से नाराज था। उनका मानना था कि भारत ऐसा रिश्ते बिगाड़ने के लिए कर रहा है। अमेरिका और यूरोप के दबाव में आकर भारत और पाकिस्तान ने सीजफायर करने का फैसला लिया।

अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी कई कोशिशें

पाकिस्तान LOC पर बैरियर्स लगाने से खुश नहीं था। पाकिस्तान को यह बात पसंद नहीं आई कि भारत सीमा पर बाड़ लगा रहा है। नवंबर 2003 में भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर का ऐलान किया। यह फैसला तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कोशिशों का नतीजा था। 25 नवंबर 2003 को सीजफायर लागू हुआ। विदेश मंत्रालय ने कहा कि एक हफ्ते की बातचीत के बाद यह समझौता हुआ है। इस मीटिंग में भारत और पाकिस्तान के सेना के बड़े अधिकारी शामिल थे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह सीजफायर 450 मील लंबी LOC अंतरराष्ट्रीय सीमा और सियाचिन ग्लेशियर पर भी लागू हुआ।

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Author: nirbhiknazar

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