Nirbhik Nazar

मंत्री गणेश जोशी ने कहा, नहीं हटाए जाएंगे उपनल के 22 हजार कर्मचारी, हरीश रावत ने दी थी ये चेतावनी

ब्यूरो रिपोर्ट

देहारादून: प्रदेश के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) के माध्यम से विभिन्न विभागों से संविदा पर सेवायोजित कर्मियों को बड़ी राहत दी है। बीती 25 फरवरी को जारी उपनल कर्मियों की सेवा समाप्ति से संबंधित आदेश को उन्होंने तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। मंत्री के निर्देश के बाद उपनल के उप महाप्रबंधक कर्नल (सेनि) मनोज रावत ने भी शाम को इस संदर्भ में आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने सभी विभागों व निगमों को लिखा है कि उपनल द्वारा प्रायोजित कर्मियों की सेवाएं समाप्त न की जाएं।

उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों व निगमों में 22 हजार से अधिक कर्मचारी संविदा पर तैनात हैं। नियमितीकरण व समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग को लेकर ये कर्मचारी पिछले 24 दिन से आंदोलित हैं। उपनल प्रबंधन ने बीती 25 व 26 फरवरी को आदेश जारी किया था कि आंदोलन में शामिल जो कर्मचारी पांच दिन के भीतर कार्य पर वापस नहीं लौटेगा, उसकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। हालांकि इसके बाद भी उपनल कर्मी आंदोलन पर डटे हुए हैं। इस बीच बुधवार को सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व में सेवा समाप्ति से संबंधित जो आदेश जारी किया गया है, उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। इसके बाद उपनल प्रबंधन की ओर से आदेश जारी कर कहा गया है कि किसी भी उपनल कर्मचारी की सेवा समाप्त नहीं की जाएगी।

हरीश रावत ने दी थी ये चेतावनी

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने आंदोलनरत उपनल कर्मचारियों के समर्थन में ये चेतावनी दी थी की अगर सरकार ने उपनल कर्मचारियों को बर्खास्त करने का कदम उठाया तो वो इसका पूरी ताकत से विरोध करेंगे। उन्होने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा था की वो 18 मार्च को उपनल कर्मचारियों के समर्थन में उपवास रखेंगे। उपनल कर्मचारी लंबे अरसे से आंदोलन कर रहे हैं।

आगे हरीश रावत ने अपनी फेसफुक वाल पर लिखा था “आज बहुत ही चिंता बढ़ाने वाला समाचार देखा कि राज्य सरकार, उपनल कर्मचारियों को जो आंदोलनरत है, उन्हें बर्खास्त करने पर विचार कर रही रही हैं। माननीय श्री तीरथ सिंह जी खबरदार, यदि आपने ऐसा कदम उठाया तो इस कदम का हम प्राण देकर के भी विरोध करेंगे। 18 मार्च, 2021 को उपनल कर्मियों के न्यायपूर्ण संघर्ष के पक्ष में मैं अपने आवास पर 1 घंटे का उपवास भी रखूंगा और यह उपवास, राज्य सरकार के लिये एक अग्रिम चेतावनी के रूप होगा कि यदि आपने उपनल कर्मियों, हमारे अंशकालिक जिनको अतिथि शिक्षक कहा गया है, अतिथि शिक्षक आदि के साथ छेड़छाड़ की और उनको न्याय प्रदान नहीं किया तो  कांग्रेस इस आंदोलन को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ायेगी।“

nirbhiknazar
Author: nirbhiknazar

Live Cricket Score
Astro
000000

Live News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *