ब्यूरो रिपोर्ट
नैनीताल: टनकपुर निवासी नरेश कुमार उर्फ नरेश सकारी ने 30 अप्रैल 2019 को हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर पूर्णागिरि धाम को जागेश्वर धाम की तर्ज पर ट्रस्ट बनाने की मांग उठाई थी। सकारी का कहना कि पूर्णागिरि धाम में सालाना लाखों भक्त आते हैं। इससे धाम में सालाना करोड़ों रुपये का चढ़ावा आता है, जिसका कोई हिसाब-किताब नहीं रहता है।

नैनीताल हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति एनएस धनिक की खंडपीठ ने 30 मई 2019 को राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि वह पूर्णागिरि ट्रस्ट निर्माण को लेकर तीन माह के भीतर स्थिति स्पष्ट करे। उसके बाद से शासन स्तर से जिला प्रशासन से भी इस मामले में आख्या और जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। तब से ये मामला शासन स्तर पर ही लंबित था। अब शासन ने हाईकोर्ट के पूर्व के आदेश के क्रम में पूर्णागिरि धाम को ट्रस्ट बनाने की सहमति प्रदान कर दी है। शासन ने चम्पावत जिला प्रशासन को पूर्णागिरि ट्रस्ट की तैयारियां पूरी कर एक माह के भीतर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
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आखिरकार दशकों के आंदोलन और लंबी मांग को देखते हुए विश्व प्रसिद्ध पूर्णागिरि धाम के ट्रस्ट बनने का रास्ता साफ हो गया है। शासन ने प्रशासन को ट्रस्ट गठन की तैयारियां शुरू करने के बाकायदा आदेश भी जारी कर दिए हैं। शासन के आदेश पर चम्पावत जिला प्रशासन ने ट्रस्ट के लिए पांच सदस्यीय एक कमेटी का भी गठन कर लिया है। ये कमेटी एक माह तक विभिन्न धार्मिक ट्रस्टों और वहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर इस संबंध में बायलॉज तैयार करेगी।