देहरादून: यह आरोप है कि नगर निगम केवल “वीआईपी” कॉलोनियों में ही सफाई कर रहा है, जबकि अन्य क्षेत्रों में सफाई नहीं हो रही है। यह एक सामान्य शिकायत है जो अक्सर नगर निगमों के खिलाफ उठाई जाती है। इस तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार के कारण, अन्य क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में असंतोष और आक्रोश पैदा होता है।
वार्ड 59 देहरादून नगर निगम के कुछ लोगों का मानना है कि नगर निगम जानबूझकर कुछ क्षेत्रों को नजरअंदाज कर रहा है, जबकि “वीआईपी” क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रहा है। बताते चले कि वार्ड 59 में सफाई कर्मचारियों की संख्या 16 है इन्हीं के द्वारा वार्ड में साफ सफाई आदि की व्यवस्था की जाती है इन सभी 16 लोगों के आने-जाने का रिकॉर्ड /छुट्टी का रिकॉर्ड /काम करने वाले लोगों पर नजर निगम इंस्पेक्टर या सुपरवाइजर रखते हैं। पिछले दिनों नगर निगम में हुए घोटाले से इनकी संख्या को जोड़कर देखा जा रहा है माना जा रहा है कि 16 में से सभी लोग काम करने आते हैं या नहीं कौन देखता है जबकि सभी लोगों का मासिक वेतन कर्मचारी के खाते में जाता है । क्षेत्रीय लोगों का यह भी आरोप है कि यह सभी कर्मचारी कुछ खास लोगों के घर का ही काम करते हैं इनको शहर और वार्ड के साफ सफाई से कोई सरोकार नहीं रहता उनके काम को देखने के लिए किसी जिम्मेदार व्यक्ति को नहीं लगाया गया है ।
यह आरोप सही है या नहीं, यह जांच का विषय है। हालांकि, यह एक गंभीर मुद्दा है जिस पर नगर निगम को ध्यान देना चाहिए। सफाई सेवाओं को सभी नागरिकों के लिए समान रूप से उपलब्ध कराना चाहिए, चाहे वे किसी भी क्षेत्र में रहते हों।
अगर आप इस तरह के भेदभाव का अनुभव कर रहे हैं, तो आप इसकी शिकायत नगर निगम के मुख्य नगर अधिकारी/ नगर स्वास्थ्य अधिकारी से कर सकते हैं। आप एक पत्र या ईमेल लिखकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, या आप नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं।