ब्यूरो रिपोर्ट
देहारादून: आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी ने शुक्रवार को पुलिस जवानों को चकमा देकर अलकनंदा नदी में छलांग मार दी। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने नदी किनारे सर्च अभियान चलाया, लेकिन कैदी का कोई सुराग नहीं मिला। चमोली के पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने बताया कि शनिवार को फिर से सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

नवीन चंद्र पुत्र हरीश लालनिवासी चमोली पॉक्सो के तहत 27 नवंबर वर्ष 2019 से जिला कारागार पुरसाड़ी में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। एक सितंबर वर्ष 2020 में जेल परिसर में सफाई अभियान के दौरान नवीन मौके का फायदा उठाकर जेल का ताला तोड़कर भाग गया था। जिसके बाद पुलिस के सर्च अभियान में 8 सितंबर वर्ष 2020 को उसे गोपेश्वर के समीप घिंघराण रोड पर देवर-खडोरा गांव से गिरफ्तार किया गया।
जेल का ताला तोड़कर भागने के मामले में शुक्रवार को जिला न्यायालय ने नवीन को दो साल की सजा सुनाई, जिसके बाद शाम को लगभग पौने पांच बजे पुलिस अभिरक्षा में उसे पुरसाड़ी जेल लाया जा रहा था, लेकिन पुलिस जवानों को चकमा देकर वह जेल परिसर से अलकनंदा की ओर भाग गया। पुलिस जवान भी उसके पीछे भागे, लेकिन देखते ही देखते नवीन ने नदी में छलांग मार दी।

जेलर प्रमोद कुमार का कहना है कि पुलिस कर्मियों ने कुछ देर तक नदी में उसे बहते देखा। पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान का कहना है कि कैदी नवीन के नदी में छलांग मारने की सूचना पर पुलिस फोर्स और एसडीआरएफ का सर्च अभियान दल मौके पर भेजा गया और नदी किनारे सर्च अभियान चलाया गया। लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। शनिवार को भी सर्च अभियान जारी है।