Nirbhik Nazar

धराली में खास मेले के लिए जुटे थे लोग, हादसे ने किया हतप्रभ, महिलाओं ने भागकर बचाई जान 

उत्तरकाशी: आपदा प्रभावित धराली और मुखबा गांव में बीते सोमवार देर शाम को हर वर्ष मनाए जाने वाले समेश्वर देवता के दो दिवसीय हारदूधू मेले का शुभारंभ किया गया था. वहीं मंगलवार दिन में भी मेले का भव्य आयोजन किया जाना था, लेकिन किसको पता था कि मेले के दोपहर में आयोजन से पहले यह त्रासदी धराली को तबाह कर देगी. उसके बाद मुखबा गांव में भी दिन में मेले का आयोजन नहीं किया गया.

धराली और मुखबा गांव में सावन माह में हर वर्ष दो दिवसीय हारदूधू मेले का आयोजन किया जाता है. इसमें रात्री में ग्रामीण बुग्यालों से लाए ब्रहमकमल और अन्य पवित्र फूलों को देवता के मंदिर के आंगन में बिछाते हैं. वहीं उनके चारों ओर सावन में होने वाले अपने घरों से दूध-दही आदि का देवता को भेंट करते हैं.

समेश्वर देवता की विशेष पूजा अर्चना के साथ देवडोली को लोग कंधे पर नचाते हैं. उसके बाद मंगलवार को दिन में दोपहर दो बजे के बाद दोबारा इस मेले के समापन का आयोजन किया जाना था, लेकिन किसको पता था कि दोनों गांव में दूसरे दिन के मेले के आयोजन से पहले एक ऐसी भयावह त्रासदी देखने को मिलेगी. वहीं, धराली गांव में खीर गंगा मे आए सैलाब के दौरान कई महिलाएं मंदिर परिसर में ही मौजूद थी. वह खीरगंगा के समीप ही बना है. उन्होंने भी पहाड़ी की ओर भागकर अपनी जान बचाई. साथ ही इस त्रासदी के बाद पड़ोसी गांव मुखबा में मेले का आयोजन नहीं किया गया.

मुखबा निवासी सरत सिंह मार्तोलिया ने बताया धराली का मंजर बहुत ही भयावह था. कुछ पल में ही मलबे और पानी के रूप में मौत धराली बाजार तक जा पहुंची. वहीं बीते सोेमवार रात्री में धराली सहित मुखबा में मेले का आयोजन धूमधाम से किया गया था. आज इस मेले का समापन होना था. उससे पहले ये हादसा हो गया.

nirbhiknazar
Author: nirbhiknazar

Live Cricket Score
Astro
000000

Live News