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उत्तराखंड में गणेश चतुर्थी की धूम, जगह-जगह सजे पंडाल, केदारनाथ में विशेष पूजा के बाद निकाली झांकी

हल्द्वानी/केदारनाथ: पूरे देश में आज गणेश चतुर्थी धूमधाम से मनाई जा रही है. गणेश चतुर्थी को विघ्नहर्ता गणेश की पूजा का दिन माना जाता है, जो बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता हैं. इस दिन लोग गणेश जी की मूर्ति स्थापित करते हैं और 10 दिनों तक (अनंत चतुर्दशी तक) उनकी पूजा-अर्चना करते हैं. देशभर में जगह-जगह सार्वजनिक पंडालों में भव्य गणेश मूर्तियां स्थापित की गई हैं. उत्तराखंड में भी गणेश चतुर्थी धूमधाम से मनाई जा रही है. हल्द्वानी, केदारनाथ और हरिद्वार जगह-जगह गणेश महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है.

विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में गणेश चतुर्थी धूमधाम से मनाई जा रही है. बुधवार आज प्रातः केदारनाथ मंदिर के मुख्य द्वार पर स्थित गणेश भगवान की मूर्ति की विशेष पूजा अर्चना और श्रृंगार करने के बाद आरती उतारी गई. केदारनाथ मंदिर के मुख्य द्वार पर स्थित भगवान गणेश की केदारनाथ धाम के मुख्य पुजारी के अलावा तीर्थ पुरोहितों ने श्रृंगार और विशेष पूजा की. पूजा अर्चना के बाद गणपति महाराज की आरती उतारी गई. बाद में धाम में भगवान गणेश की भव्य झांकी भी निकाली गई.

हल्द्वानी में गणेश महोत्सव की धूम: वहीं हल्द्वानी में श्री गणेश सेवा समिति ने गणेश चतुर्थी पर शोभायात्रा निकाली. जहां बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु के साथ व्यापारी मौजूद रहे. गणेश चतुर्थी के मौके पर मूर्ति स्थापना से पहले श्री रामेश्वर शिव मंदिर में भगवान गणेश की आरती उतारकर और नारियल फोड़कर शोभायात्रा का शुभारंभ किया. यात्रा मंदिर से शुरू होकर प्रमुख मार्गों से होते हुए श्री लक्ष्मी शिशु मंदिर प्रांगण पहुंची, जहां मूर्ति की स्थापना विधि विधान से की गई.

शोभायात्रा में ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे गूंजते हुए जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई. इस दौरान बैंड और झांकियों ने रौनक बढ़ाई. आयोजकों ने बताया कि 27 अगस्त से 10 दिनों तक श्री गणेश चतुर्थी महोत्सव धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है. गणपति विग्रह मूर्ति विसर्जन शोभा यात्रा निकाली जाएगी. गणपति की प्रतिमा की स्थापना के लिए शहर में विभिन्न जगहों पर पंडाल सज गए हैं. अगले 10 दिन तक लोग घरों में भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना और पूजन करेंगे.

शहर में रामलीला मैदान, पटेल चौक, बरेली रोड पर हिमालया फार्म और प्राचीन शिव सेवा समिति के अलावा मुखानी, राजपुरा, रेलवे बाजार आदि जगहों पर श्री गणेश महोत्सव के लिए पंडाल सजाए गए हैं. हर दिन सुबह पूजन और शाम पांच बजे प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे. प्राचीन शिव कमेटी गणेश महोत्सव के संयोजक हरिमोहन अरोड़ा ने बताया कि गणेश महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक और रंगारंग कार्यक्रम के साथ-साथ रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया जाएगा. जहां बड़ी संख्या में लोग रक्तदान कर दूसरों को जीवन बचाने में अपना योगदान देंगे.

गणेश चतुर्थी का शुभ पर्व आरंभ हो गया है. 6 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन इस महापर्व का समापन होगा. कहा जाता है कि भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मध्याह्न में भगवान गणेश का जन्म हुआ था. ऐसे में गणेश चतुर्थी के दिन दोपहर के समय ही अभिजीत मुहूर्त में उनकी मूर्ति स्थापित करना शुभ माना जाता है.

गणेश जी को लड्डू अर्पित करना शुभ माना जाता है. आप बेसन या बूंदी के लड्डू चढ़ा सकते हैं. मोदक भगवान गणेश जी का प्रिय भोग है. पुराणों में इस बात का जिक्र है कि बचपन में गणेश जी अपनी माता पार्वती द्वारा बनाए गए मोदक तुरंत ही खा जाते थे.

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Author: nirbhiknazar

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