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उत्तराखंड: ऊर्जा निगमों में जारी रहेगी हड़ताल पर रोक, अगले 6 महीने के लिए कर्मियों पर एस्मा लागू

देहरादून: उत्तराखंड के ऊर्जा निगमों में हड़ताल पर रोक जारी रहेगी. दरअसल, शासन ने अगले 6 महीने के लिए एस्मा लागू रखने का निर्णय किया है. यह आदेश तीनों ही ऊर्जा निगमों के सभी कर्मचारियों पर लागू होगा. खास बात ये है कि आदेश जारी होते ही कर्मचारी संगठन ने भी इस पर अपना विरोध शुरू कर दिया है.

राज्य में अब अगले 6 महीने तक ऊर्जा निगम के कर्मचारी हड़ताल नहीं कर पाएंगे. हालांकि, इससे पहले भी कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक लागू थी. लेकिन पूर्व में 6 महीने के लिए हुए आदेश की समय सीमा खत्म होते ही एक बार फिर अगले 6 महीने के लिए इसे बढ़ा दिया गया है. इस संदर्भ में प्रमुख सचिव ऊर्जा ने आदेश जारी किया है, जिसके बाद तमाम कर्मचारी संगठनों को भी पत्र जारी करते हुए इसकी जानकारी दी गई है.

वैसे, फिलहाल ऊर्जा निगम में किसी भी कर्मचारी संगठन द्वारा हड़ताल की चेतावनी या हड़ताल का कोई आगामी कार्यक्रम जारी नहीं किया गया था. इसके बावजूद ऊर्जा निगम लगातार कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक से जुड़ा आदेश जारी करता रहा है. ऊर्जा निगम से जुड़े कर्मचारी इसका समय-समय पर विरोध भी करते रहे हैं.

संविदा कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी विनोद कवि कहते हैं कि सरकार का यह रवैया कर्मचारियों को उकसाने वाला है. कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर कड़े कदम उठाने को मजबूर होते हैं, ऐसे में यदि हमेशा ही कर्मचारी को लेकर इस तरह के आदेश जारी किए गए तो फिर ऐसे में कर्मचारियों के पास अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए दूसरा कोई तरीका नहीं है.

ऊर्जा निगम में कर्मचारियों की हड़ताल को रोकने के लिए एस्मा लगाए जाने के बाद किसी भी स्थिति में कर्मी हड़ताल पर नहीं जा सकेंगे. खास बात यह है कि उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड, पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड और उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड तीनों ही निगमों के कर्मचारियों पर ये लागू होगा. उत्तर प्रदेश आवश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) को 26 अगस्त से आगामी 6 महीने के लिए लागू किया गया है.

वैसे राज्य में यह पहली बार नहीं है, जब इस तरह से कर्मचारियों के विरोध के अधिकार पर रोक लगाई गई हो. इससे पहले भी इस तरह के फैसले लिए जाते रहे हैं. लेकिन शासन के सामने ऊर्जा को लेकर ऐसी कई चुनौतियां हैं, जिसके चलते राज्य में ऊर्जा निगम के कर्मचारियों की हड़ताल किसी भी स्थिति में सरकार वहन नहीं कर सकती. इसके पीछे का कारण यह है कि राज्य में पहले से ही ऊर्जा संकट है और खुले बाजार से करोड़ों में बिजली खरीदी जाती है. ऐसे में यदि इस आवश्यक सेवा में किसी भी तरह का व्यवधान आता है तो न केवल इससे ऊर्जा के उत्पादन पर असर पड़ेगा, बल्कि बिजली सेवा भी प्रभावित होगी.

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Author: nirbhiknazar

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