ब्यूरो रिपोर्ट
बागेश्वर: राज्य में जब से नए सीएम ने पद भार संभाला है तब से कोई न कोई नया विवाद हो रहा है। सत्ता से दूर हुए प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के बागेश्वर दौरे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यहां पुलिस अधिकारी प्रोटोकॉल भूल गए और सम्मान दिखाते हुए नियमों के विरुद्ध भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया, मामला सामने आते ही शोसल मीडिया में वायरल हो गया, जिस पर लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं।
प्रोटोकॉल के नियमों के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष या मंत्रियों को गार्ड आफ आनर नहीं दिया जाता है। बागेश्वर जनपद में पहुंच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक को यहां गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इतना ही नहीं मदन कौशिक बागेश्वर सरकारी हेलीकाप्टर से पहुंचे हैं। मामले को लेकर पुलिस प्रवक्ता निलेश आनंद भरणे ने कहा कि गलती कैसे हुई। इस बात की जानकारी ली जा रही है।

नियमानुसार मदन कौशिक सरकारी हेलीकाॅप्टर का प्रयोग नहीं कर सकते हैं। बावजूद उनको सरकार हेलीकाप्टर भी दिया गया और पुलिस अधिकारियों ने गार्ड ऑफ़ ऑनर भी दिया। इस मामले में अब पुलिस के आला अफसर सफाई दे रहे हैं। पुलिस ने गलती भी मान ली है।
अब ताजा विवाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को गार्ड ऑफ ऑनर दिये जाने से पैदा हो गया है। कांग्रेस ने सरकारी हेलीकाप्टर का उपयोग व गार्ड आफ आनर दिया जाना सरकारी धन का दुरुपयोग बताया है। पुलिस ने जहां इस गलती को मान लिया है, वहीं कांग्रेस हमलावर है।
दरअसल, सोमवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक का हेलीकाप्टर पूर्वाह्न करीब 11 बजे डिग्री कॉलेज मैदान में उतरा। यहां उन्हें पुलिस की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। बाइक रैली भी निकाली गई। प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में कार्यकर्ताओं को मिशन 2022 के लिए तैयार रहने को कहा। बोले, प्रदेश और केंद्र सरकार पूरी ईमानदारी के साथ काम कर रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं को भाजपा की रीति-नीति को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाना है।