ब्यूरो रिपोर्ट
देहारादून: महेन्द्र भट्ट, हरक सिंह रावत के बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को अपनी सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश करने वालों में एक नाम विधायक राम सिंह कैड़ा का भी जुड़ गया है। कैड़ा ने मुख्यमंत्री को अपनी सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश की है। कैड़ा भीमताल से विधायक हैं और 2017 में वे निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीते थे। तब भाजपा प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे थे। कैड़ा, की इस संबंध में मुख्यमंत्री से वार्ता हुई है। कैड़ा उनके लिए सीट छोड़ने को तैयार हैं। कैड़ा के अनुसार मुख्यमंत्री भीमताल से चुनाव लड़ेंगे तो ओखलकांड, धारी, रामगढ़ व भीमताल क्षेत्र के विकास को मजबूती मिलेगी।

विधायक/कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के लिए कोटद्वार विधानसभा सीट छोडऩे की पेशकश की थी। हरक के मुताबिक वह अपनी इस इच्छा से राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को अवगत करा चुके हैं। साथ ही हरक ने कहा था कि उन्होंने अध्यक्ष से यह भी अनुरोध किया है कि पार्टी यदि उचित समझे, तो उन्हें गढ़वाल संसदीय सीट से चुनाव लडऩे का मौका दे। इसके अलावा वहीं बद्रीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट सीएम तीरथ सिंह रावत के लिए अपनी सीट छोड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा था कि मैं चाहता हूं तीरथ सिंह रावत मेरी विधानसभा के चुनाव लड़कर वहां का विकास करें। उन्होने कहा था कि मैं चाहता हूं कि सीएम बद्रीनाथ विधानसभा सीट से चुनाव लड़े। मैं उनके लिए सीट छोड़ने के लिए तैयार हूं। यह भी कहा कि मेरी विधानसभा सीमांत विधानसभा है और यदि सीएम वहां से चुनाव लड़ते हैं, तो निश्चित ही विधानसभा का विकास भी करेंगे।

सतपाल ने किया था इंकार
आपको बता दें मुख्यमंत्री की ताजपोशी के बाद अब तीरथ सिंह रावत को विधायक पद के लिये चुनाव लड़ना होगा। सतपाल महाराज ने सीट नहीं छोड़ने की बात कही थी, पौड़ी जिले के चौबट्टाखाल विधानसभा से विधायक एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा था कि पौड़ी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का सवाल नहीं बनता है और न ही वे चौबट्टाखाल सीट को छोड़ेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर पौड़ी सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर विराम लगाया था। फिलहाल उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनने के बाद तीरथ सिंह रावत को छह महीने के अंदर विधानसभा में चुनकर आना है। वे किस सीट से चुनाव लड़ेंगे, अभी इस पर सस्पेंस बना है।