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उत्तराखंड छात्रसंघ चुनाव में ABVP ने 332 पदों पर हासिल की जीत, तमाम महाविद्यालयों में 58 अध्यक्ष बने

देहरादून: उत्तराखंड में छात्रसंघ चुनाव 2025 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. एबीवीपी ने प्रदेशभर में 332 पदों पर जीत का परचम लहराया है. इसमें 58 अध्यक्ष, 52 उपाध्यक्ष, 43 महासचिव, 51 कोषाध्यक्ष, 50 सचिव, 62 विश्वविद्यालय प्रतिनिधि, 6 सांस्कृतिक सचिव और 6 छात्र उपाध्यक्ष शामिल हैं. वहीं, एबीवीपी के पदाधिकारियों का कहना है कि छात्र संगठन ने घोषित प्रत्याशियों में 75 फीसदी से भी ऊपर का आंकड़ा टच करके यह जीत हासिल की है.

इस ऐतिहासिक सफलता पर एबीवीपी के प्रदेश मंत्री ऋषभ रावत ने कहा यह विजय केवल परिषद की विजय नहीं है. बल्कि, हर उस विद्यार्थी की विजय है, जो राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानता है और संगठन को ही जीवन का मूल मंत्र मानता है. सैन्य भूमि उत्तराखंड में शहीद भगत सिंह की जयंती के दिन मिली, यह विजय वीर शहीदों का आशीर्वाद है. यह जीत उत्तराखंड की जीत है, पहाड़ की जीत है.

छात्र शक्ति ने अपने अपार समर्थन और आशीर्वाद से यह प्रमाणित कर दिया है कि उनका विश्वास सदैव उसी संगठन के साथ है, जो निष्ठापूर्वक छात्र हितों की रक्षा और राष्ट्र निर्माण में अग्रसर रहता है. यह विजय केवल परिषद की नहीं, बल्कि संपूर्ण युवा शक्ति की है, जो राष्ट्र को सर्वोच्च मानते हुए शिक्षा और संस्कार के साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प रखती है.

क्या बोले डीएवी कॉलेज देहरादून के छात्र संघ अध्यक्षवहीं, डीएवी कॉलेज देहरादून में अध्यक्ष पद पर निर्वाचित ऋषभ मल्होत्रा ने कहा कि आज का विद्यार्थी न तो भ्रष्‍टाचार चाहता है और न ही अवसरवादी राजनीति का शिकार होना चाहता है. डीएवी कॉलेज में हमारी विजय इस बात का प्रमाण है कि छात्र शक्ति का अटूट विश्वास केवल और केवल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ है. उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में हुई जीत राष्ट्रवादी विचारधारा की जीत है.

कुछ पार्टियों के कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं की यह सोच थी कि भारत का Gen Z भारत की राष्ट्रवादी विचारधारा के खिलाफ है, लेकिन उत्तराखंड के छात्र संघ चुनाव में भगवे को मिली जीत के बाद यह साफ हो गया है कि भारत और उत्तराखंड का Gen Z राष्ट्रवादी विचारधारा और पूर्ण रूप से एबीवीपी की विचारधारा के साथ है.

ऋषभ मल्होत्रा ने कहा कि कॉलेज में शोध की सीटें बढ़ाए जाने, महाविद्यालय में चल रहे रिक्त पदों को भरवाने व बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है. परिषद ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर, श्री देव सुमन विश्वविद्यालय परिसर ऋषिकेश, डॉ. पितांबर दत्त बड़थ्वाल महाविद्यालय कोटद्वार, एलसीएम पिथौरागढ़, एमबीपीजी हल्द्वानी और राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय समेत प्रदेशभर के प्रमुख परिसरों में विजय हासिल की है.

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Author: nirbhiknazar

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