Skip to main content

Nirbhik Nazar

उत्तराखंड : बिजली चोरी मामले में कर्मियों पर मुकदमा दर्ज, मालिक को बचाने का लगा आरोप, उठ रहे कई सवाल

देहरादून: गुरुकुल नारसन स्थित यूपीसीएल के बिजली घर में वासू स्टील फैक्टरी के मीटर में छेड़छाड़ कर बिजली चोरी के मामले में फैक्ट्री के कर्मचारियों पर तो बिजली चोरी के इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है लेकिन मालिक का नाम इसमें शामिल नहीं है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या कर्मचारी अपने स्तर से फैक्ट्री के लिए बिजली चोरी कर रहे थे।

यूपीसीएल और पुलिस से मांग की जा रही है कि मुख्यालय को करोड़ों का चूना लगाने वाली फैक्ट्री के मालिक पर भी कार्रवाई हो। दरअसल, बड़ी फैक्ट्रियों के लिए एक मीटर फैक्ट्री परिसर में और दूसरा मीटर संबंधित बिजलीघर में होता है।

डबल मीटरिंग इसलिए होती है कि कहीं बिजली चोरी या अन्य कोई मीटर संबंधी गड़बड़ न हो, लेकिन यहां तो दोनों ही मीटरों में गड़बड़ियां की जा रही थीं। यूपीसीएल के लिए अब इस मामले की जांच चुनौतीपूर्ण काम होगा क्योंकि रुड़की, भगवानपुर क्षेत्र में काफी संख्या में स्टील फैक्ट्री संचालित हो रही हैं।

बिजली चोरी में मंगलौर, लंढौरा समेत आठ शहर सबसे बदनाम
प्रदेश में बिजली चोरी के मामले में मंगलौर, लंढौरा समेत आठ शहर सबसे बदनाम हैं। बीते दिनों नियामक आयोग ने यूपीसीएल की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के दौरान भी इस पर चिंता जताई थी। यूपीसीएल को इन हाई लॉस फीडर पर नियंत्रण की नसीहत दी थी। आयोग के पुनर्विचार याचिका को खारिज करने संबंधी फैसले में इसका स्पष्ट उल्लेख है। गदरपुर में 30.58 प्रतिशत, जसपुर में 27 प्रतिशत, जोशीमठ में 53.92 प्रतिशत, खटीमा में 53 प्रतिशत, लक्सर में 27 प्रतिशत, लंढौरा में 69.40 प्रतिशत, मंगलौर में 47.62 प्रतिशत और सितारगंज में 27.25 प्रतिशत समग्र तकनीकी और वाणिज्यिक हानियां (एटी एंड सी लॉस) रिकॉर्ड किया गया।

यूपीसीएल को हर साल करोड़ों का घाटा हो रहा
रुड़की डिवीजन में 2021-22 में 31.21 प्रतिशत, 2022-23 में 31.09 प्रतिशत और 2023-24 में 31.50 प्रतिशत वितरण हानियां दर्ज की गईं। नियामक आयोग ने माना था कि ये हाई लॉस फीडर कहीं न कहीं यूपीसीएल के लिए घुन की तरह काम कर रहे हैं। यूपीसीएल को हर साल यहां से करोड़ों रुपये का घाटा हो रहा है। साफ है कि यहां बड़े पैमाने पर बिजली चोरी चल रही है। जिसमें हाल के प्रकरण के बाद यूपीसीएल के अधिकारियों की मिलिभगत भी सामने आई है।

सभी इंडस्ट्री का होगा एनर्जी अकाउंटिंग ऑडिटः यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने आदेश दिया है कि रुड़की, भगवानपुर समेत पूरे क्षेत्र में उच्च बिजली खपत वाली सभी स्टील फैक्ट्री और अन्य
उद्योगों का एनर्जी अकाउंटिंग ऑडिट होगा। इससे स्पष्ट होगा कि बिजली किस स्तर पर खपत हो रही है। कहीं किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी पकड़ में आई तो उस हिसाब से कार्रवाई होगी।

nirbhiknazar
Author: nirbhiknazar

Live Cricket Score
Astro
000000

Live News