ब्यूरो रिपोर्ट
देहारादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि राजनीति में पद छोड़ना ये सब घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन 4 साल मुख्यमंत्री के नाते, 5 साल पहले विधायक के नाते, राष्ट्रीय सचिव के नाते, नमामि गंगे के नाते, झारखंड प्रभारी के नाते, उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी के नाते काम किया। लेकिन, राजनीति की इस काली सुरंग से मैं साफ निकल कर आया हूं। हरिद्वार में कोविड-19 के पालन के मुद्दे पर पूर्व सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत नए आए हैं। लिहाजा, उन्हें अंदाजा नहीं रहा होगा कि वह क्या कह रहे हैं।

विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत होली मिलन समारोह में शिरकत करने आए पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह आज अलग ही अंदाज में नज़र आए। उनका कहना था कि जनता भी नहीं समझ पा रही है कि उन्हें क्यों हटाया गया। लोगों के मन मे कई सवाल हैं। मंच पर अभिमन्यु का उदारहण देते हुए उनके साथ हुए छल का जिक्र किया। उन्हें नहीं पता कि नहीं कि क्यों हटाया गया। बुधवार को ही रावत ने कहा था कि ऐसा लगता है कि उनके खिलाफ साजिश रची गई। बुधवार को ही रावत ने फिर कहा, ‘इस अभिमन्यु का जो छल से वध हुआ है। इसका प्रतिकार लो पाण्डवों। ये मां द्रौपदी कहती है, रोती नहीं है। पुत्रवध हो जाता है। पुत्र को छल से मारा जाता है, लेकिन मां कभी भी भावविभोर होकर रोना-धोना नहीं करती। द्रौपदी के कोख से जन्म था अभिमन्यु, लेकिन वो संदेश देती है कि ये कौरवों ने अत्याचार किया है। अब इसका यही बदला है। यही प्रतिकार है कि हम अभिमन्यु के वध का बदला लें.’