ब्यूरो रिपोर्ट
देहारादून: उत्तराखंड के गांवों से पलायन को रोकने के लिए सरकार अब गंभीर है। आपको बता दें इस कड़ी में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने ग्राम्य विकास विभाग में पलायन रोकने के उद्देश्य से प्रकोष्ठ के गठन को मंजूरी दे दी है। सीएम ने प्रकोष्ठ में आउटसोर्सिंग के माध्यम से चार पदों की स्वीकृति भी प्रदान की है। यह प्रकोष्ठ पलायन की रोकथाम के लिए विभिन्न कदम उठाएगा। जिससे उत्तराखंड के गांवों से लगातार हो रहे पलायन की रोकथाम मे मदद मिलेगी और गाँव के लोग पलायन नहीं करेंगे।

विकास कार्यों के लिए स्वीकृतियांमुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृतियां भी दी हैं। उन्होंने देहरादून में डालनवाला में राज्य कर भवन में कार्यालय विस्तार के लिए 1.80 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य सेक्टर (नगरीय) के तहत चालू कार्यों के लिए 10.72 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसी प्रकार आपातकालीन कार्य के तहत नदी सुधार, कटाव व पुनर्निर्माण कार्यों से जुड़ी 44 योजनाओं के लिए 5.78 करोड़ की स्वीकृति देने के साथ ही प्रथम किस्त के रूप में 2.31 करोड़ रुपये अवमुक्त करने को मंजूरी प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के तहत देहरादून जिले में ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में दो निर्माण कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग को 2.95 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इसके अलावा चंपावत विधानसभा क्षेत्र में भयामलाताल-पोथ मार्ग पर राई सिंह खेड़ा से गठला गंगसी मार्ग निर्माण को 37.85 लाख रुपये मंजूर किए हैं। मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग के तहत डा.आंबेडकर दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना में 1.66 करोड़ और शहरी विकास विभाग के तहत नगर पंचायतों में रैन बसेरों के निर्माण को 97.70 लाख रुपये की मजूरी दी है।