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दिल्ली ब्लास्ट के बाद देहरादून में चेकिंग, सेना की प्रतिबंधित वर्दी का कपड़ा बेच रहा था दुकानदार बजरंग सिंह राठौर

रायवाला। कोतवाली रायवाला पुलिस ने हनुमान चौक के पास एक दुकान में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में सेना की न्यू पैर्टन काम्बैट वर्दी का प्रतिबंधित कपड़ा बरामद किया है। जिसके बाद राजस्थान निवासी दुकानदार के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई सेना की इंटेलिजेंस रिपोर्ट के आधार पर की गई। विगत दिनों दिल्ली में बम ब्लास्ट की घटना के बाद ऐसी वर्दी व सुरक्षा संबंधी उपकरण बेचने वालों की जांच सेना की इंटेलिजेंस यूनिट कर रही है। साथ ही पुलिस भी इस मामले में सतर्कता बरत रही है।

रायवाला कोतवाली कें प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह खोलिया ने बताया को मिलेट्री स्टेशन रायवाला के कर्नल हिमांशु वशिष्ठ ने इस संबंध में तहरीर दी है। जिसमें बताया कि उनकी इंटेलिजेंस से पता चला है कि रायवाला में एक दुकान सेना की काम्बैट वर्दी का कपड़ा और वर्दी बेच रहा है। प्रतिबंधित वर्दी को बेचने वाले दुकानदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि तहरीर के आधार पर पुलिस ने जांच कर इस मामले में दुकान स्वामी बजरंग सिंह राठौर निवासी हनुमान चौक रायवाला मूल निवासी ग्राम माडपुरा तहसील किमसार जिला नागौर राजस्थान को पकड़ा।

सेना की प्रतिबंधित वर्दी बेचने के आरोप में दुकानदार बजरंग सिंह राठौर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करते हुए नोटिस तामील कराया गया है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि विगत दिनों दिल्ली में हुई ब्लास्ट की घटना और छद्म सुरक्षा बलों के रूप में अन्य आतंकी घटनाओं को अंजाम दिए जाने की आशंका को देखते हुए ऐसी दुकानों की जांच की जा रही है जहां सुरक्षा बलों से जुड़ी वस्तुओं का विक्रय किया जाता है। यदि कोई व्यक्ति ऐसी वस्तुएं जिनसे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो, क्रय या विक्रय करते हुए पाया गया तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सेना के गेट के सामने बेची जा रही वर्दी, चौकसी पर उठे सवाल

रायवाला : रायवाला छावनी के समीप स्थित बाजार की दुकानों में सेना की डिजिटल डिसरप्टिव पैटर्न वाली वर्दी (काम्बैट यूनिफार्म) का कपड़ा सहित अन्य सामान बेचा जा रहा है। यह कपड़ा बाजार में बेचना प्रतिबंधित है। रायवाला बाजार ने तकरीबन ऐसी तीन दुकानें हैं, जहां कई वर्षों से सेना से जुड़ी वस्तुओं की बिक्री की जाती है। यह दुकानें छावनी के गेट से चंद कदम दूरी पर हैं, मगर स्थानीय इंटेलिजेंस को इसकी खबर नहीं। ऐसे में सुरक्षा और चौकसी की दावों पर सवाल उठने स्वाभाविक हैं।

फौजियों जैसी दिखने वाली वर्दी पहनना है अपराध

सेना और अन्य सुरक्षा बलों की वर्दी की तरह दिखने वाले काम्बैट यूनिफार्म को आम नागरिक नहीं पहन सकता है। हालांकि, आम लोगों के बीच काम्बैट ड्रेस फैशन का हिस्सा बन चुका है। लेकिन यह सुरक्षा को बड़ा खतरा भी है। जो लोग भी अनाधिकृत तरीके से आर्म्ड फोर्स (आर्मी, नेवी, एयरफोर्स) की वर्दी या उसके जैसी दिखने वाली यूनिफार्म पहनते हैं, उनके विरुद्ध कार्रवाई का प्रविधान है।

दुकान में नहीं बेच सकते वर्दी का कपड़ा

आर्मी की वर्दी का कपड़ा सीधे सेना के स्टोर या सीएसडी कैंटीन में ही सप्लाई होता है। वहीं से जवानों को पहचान पत्र के आधार पर ड्रेस मिलती है, इसलिए बाहर बाजार की दुकानों में सेना की वर्दी के कपड़ों की बिक्री नहीं हो नहीं सकती है।

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Author: nirbhiknazar

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