ब्यूरो रिपोर्ट
देहरादून: मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत सभी तैयारियां जल्द पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि चमोली के तपोवन रैणी क्षेत्र की आपदा में लापता लोगों के डेथ सर्टिफिकेट की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए, जिससे प्रभावित परिवारों को राहत राशि का भुगतान जल्द किया जा सके।

आपको बता दें 7 फरवरी 2021 को चमोली ज़िले की ऋषिगंगा घाटी में पर ग्लेशियर टूटने से अचानक भीषण बाढ़ आ गई थी। इससे चमोली ज़िले के रैणी और तपोवन क्षेत्र में जानमाल का भारी नुकसान हुआ था। आपदा में 205 लोग लापता हो गए थे, जिसमें 77 के शव और 35 मानव अंग बरामद हुए हैं। 46 शवों और एक मानव अंग की शिनाख्त हुई है। अभी भी 128 लोग लापता हैं। वहीं, आपदा में लापता लोगों में से छह को मृत घोषित करने के लिए अभिहित अधिकारी (एसडीएम जोशीमठ) कुमकुम जोशी ने प्रारंभिक आदेश जारी कर दिए हैं। 30 दिनों में यदि कोई दावा या आपत्ति नहीं आने पर इन लोगों के मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिए जाएंगे। ऋषिगंगा की आपदा में लापता लोगों को सरकार ने मृत घोषित करने के आदेश जारी किए थे। जिला मजिस्ट्रेट स्वाति एस भदौरिया ने अभिहित अधिकारी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत लापता लोगों की जांच शीघ्र पूरी कर प्रारंभिक आदेश जारी करने के निर्देश दिए थे।