देहरादून: मकर संक्रांति का पर्व देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। जो भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता का प्रतीक हैं। इसी क्रम मे उत्तराखंड मे भी ये पर्व धूम-धाम से मनाया गया , यह पर्व सूर्य देव की आराधना,ऋतु परिवर्तन और प्रकृति के साथ सामंजस्य का संदेश देता है। मकर संक्रांति का त्योहार जीवन में सकारात्मक सोच के साथ निरंतर कर्म के पथ पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देता है। यह पावन पर्व मांगलिक कार्यों के शुभारंभ से भी जुड़ा हुआ है।
बिहारी महासभा ने मकर संक्रांति पर खिचड़ी एंव दही चूड़ा सहभोज कार्यक्रम का आयोजन किया। राजपुर रोड स्थित शिव बाल योगी आश्रम में कार्यक्रम का आयोजन किया गया जहाँ बिहार और पूर्वांचल समाज के लोगों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान लोगों ने मकर संक्रांति पर खिचड़ी और दही चूड़ा खाया। बिहारी महासभा के अध्यक्ष लल्लन सिंह ने मकर संक्रांति के महत्व को बताते हुए कहा कि यह पर्व सनातन धर्म का महान पर्व है जिसमें भगवान सूर्य और विष्णु की पूजा की जाती हैं।
BMS की मांग माफी मांगे गिरधारी लाल साहू
बिहारी महासभा के अध्यक्ष लल्लन सिंह ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा बिहार की लड़कियों पर दिए गए बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की भाषा पूरी तरह निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि किसी जिम्मेदार व्यक्ति को बोलते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि उनके घर में स्वयं महिला सशक्तिकरण, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने वाली कैबिनेट मंत्री हैं, ऐसे में इस प्रकार का बयान न केवल बिहार की महिलाओं बल्कि पूरे देश की महिलाओं का अपमान है। उन्होंने मांग की कि भारतीय जनता पार्टी और सरकार को इस मामले में संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की बयानबाजी की पुनरावृत्ति न हो।