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CM धामी ने किया कन्हैया लाल डीएवी महाविद्यालय, रुड़की में आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित

देहरादून: मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक, समाज की चेतना को दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है। जिस समाज में शिक्षक सुरक्षित, सम्मानित और संतुष्ट होता है, वही समाज प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते हुए उन्नति के शिखर को छूता है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार शिक्षकों और विद्यार्थियों के हितों को प्रमुखता देते हुए राज्य में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हम शिक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, व्यावहारिक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए भी कई स्तरों पर कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा सरकार, शिक्षा व्यवस्था को केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे स्किल डेवलपमेंट से जोड़कर राज्य में रोजगार के साथ स्वरोजगार के क्षेत्र में भी युवाओं को आगे बढ़ाना चाहती है। सरकार ने देश में सबसे पहले नई शिक्षा नीति को लागू कर अपनी प्राथमिकताओं के बारे में स्पष्ट कर दिया है। नई शिक्षा नीति के तहत अब हमारे विश्वविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे कई नए कोर्स शुरू हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा सरकार द्वारा राज्य में 20 मॉडल कॉलेजों की स्थापना की जा रही है।  छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए महिला छात्रावास, आधुनिक आई.टी. लैब और नए परीक्षा भवनों का निर्माण किया जा रहा है। हमने ब्रिटेन के साथ शेवनिंग उत्तराखण्ड छात्रवृत्ति के लिए समझौता किया है। इसके तहत हमारे 5 सबसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मास्टर्स के लिए ब्रिटेन भेजा जाएगा। युवा देश के 100 श्रेष्ठ रैंकिंग वाले संस्थाओं में प्रवेश लेंगे, हमारी सरकार उन्हें 50,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि भी देने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड का युवा केवल नौकरी मांगने वाला न बने, बल्कि स्टार्टअप के माध्यम से नौकरी देने वाला भी बने, इसके लिए भी राज्य सरकार काम कर रही है। उत्तराखंड के महाविद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ ही 9 नए महाविद्यालयों की स्थापना करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उत्कृष्ट शोध पत्रों के प्रकाशन पर राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रोत्साहन पुरस्कार भी प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा युवाओं के भविष्य से खेलने वाले नकल माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। 100 से अधिक नकल माफिया सलाखों के पीछे हैं। साढ़े चार वर्षों में हमारे 26 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियाँ प्राप्त हुई हैं। ये संख्या राज्य गठन के बाद किसी भी सरकार द्वारा दी गई कुल नियुक्तियों से दो-तिहाई से भी अधिक है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब 1 जुलाई 2026 के बाद देवभूमि में केवल वही मदरसा संचालित होंगे, जो सरकार द्वारा निर्धारित आधुनिक सिलेबस पढ़ाएंगे, वरना उन्हें बंद किया जाएगा। उन धार्मिक गुरुओं पर भी नियंत्रण लगाया जाएगा, जो बिना किसी शैक्षिक योग्यता के केवल धार्मिक आधार पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे थे। हमारा प्रयास है कि राज्य के शिक्षा मंदिरों में तय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए। शिक्षा का उद्देश्य बच्चों को उनके समग्र विकास और उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करना होना चाहिए, ना कि उन्हें 500 साल पुरानी कबीलाई मानसिकता की ओर धकेलना।  इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डॉ. कल्पना सैनी, विधायक प्रदीप बत्रा,  महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेंद्रपाल सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

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Author: nirbhiknazar

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