पौड़ी। प्रदेश का आगामी बजट जनता की भागीदारी से तैयार किया जाएगा और इसमें आम लोगों के सुझावों को नीतियों में स्थान दिया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पौड़ी के रांसी स्थित बहुउद्देश्यीय भवन में आयोजित बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम में कही।
उन्होंने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण का रोडमैप है, जिसमें हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
विभिन्न वर्गों ने रखे अपने सुझाव
कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जनपदों से पहुंचे जनप्रतिनिधियों, किसानों, उद्यमियों, महिला स्वयं सहायता समूहों, पर्यटन कारोबारियों, मत्स्य पालकों, कृषि वैज्ञानिकों और स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और आगामी बजट के लिए सुझाव दिए।
मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों का आभार जताते हुए कहा कि प्राप्त सुझाव राज्य की विकास दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
पारदर्शी और सहभागी होगी बजट प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बजट निर्माण की प्रक्रिया को पारदर्शी और जनोन्मुखी बना रही है। सीमांत क्षेत्रों तक संवाद कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उन्होंने बताया कि राज्य में पर्यटन, कृषि, उद्योग, महिला सशक्तिकरण, होमस्टे और स्वरोजगार के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुई है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बने हैं।
वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक उत्तराखण्ड को आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प को दोहराया और कहा कि जनसहभागिता से तैयार बजट राज्य की विकास यात्रा को नई गति देगा।
संवाद में आए प्रमुख सुझाव
ग्रामीण और शहरी विकास
- ग्रामीण विकास अनुदान में वृद्धि
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सीवर व्यवस्था
- पंचायतों को सशक्त बनाना
- सोलर प्लांट संचालन
- नगर निकायों के संसाधन बढ़ाना
- पार्किंग व सफाई व्यवस्था मजबूत करना
कृषि व उद्यान
- पर्वतीय कृषि को प्रोत्साहन
- उच्च मूल्य फसलों व बागवानी को बढ़ावा
- जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा
- कोल्ड स्टोरेज और क्लस्टर आधारित खेती
- जिला स्तर पर प्रसंस्करण केंद्र
उद्योग व रोजगार
- पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योगों के लिए पूंजीगत सब्सिडी
- ब्याज अनुदान व मशीनरी पर छूट
- आईटीआई व पॉलिटेक्निक को उद्योगों से जोड़ना
महिला सशक्तिकरण
- प्रत्येक जनपद में प्रशिक्षण केंद्र
- ब्याज मुक्त ऋण
- स्थानीय सेवाओं में प्राथमिकता
पर्यटन
- होमस्टे के लिए रियायती ऋण
- हेली सेवा विस्तार
- छोटे पर्यटन स्थलों का विकास
- एग्री व नेचर टूरिज्म को बढ़ावा
ऊर्जा व अन्य क्षेत्र
- ऊर्जा नेटवर्क सुदृढ़ करना
- ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण व सौंदर्यीकरण
अधिकारियों ने भी रखे विचार
वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि इस संवाद का उद्देश्य बजट को जनभावनाओं और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना है।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने इसे जनता के विश्वास को मजबूत करने वाला कदम बताया।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और 200 से अधिक हितधारक मौजूद रहे।
जनसहभागिता आधारित बजट की यह पहल राज्य के संतुलित, समावेशी और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।