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21 फरवरी से शुरू होंगे उत्तराखंड बोर्ड एग्जाम, 1,261 केंद्रों पर 2.16 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स देंगे परीक्षा

देहरादून: उत्तराखंड में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर इस बार शिक्षा विभाग ने फुलप्रूफ रणनीति तैयार की है. करीब 2 लाख 15 हजार परीक्षार्थियों की परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नकलविहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए विभाग बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था लागू कर रहा है. बढ़ते तकनीकी दुरुपयोग और नकल की आशंकाओं को देखते हुए इस बार तैयारियों को पहले से अधिक सख्त और व्यवस्थित बनाया गया है.

1,261 परीक्षा केंद्र बनाए गए: प्रदेश भर में कुल 1,261 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां छात्र-छात्राएं अपनी बोर्ड परीक्षा देंगे. परीक्षाएं 21 फरवरी से शुरू हो रही हैं. इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 21 फरवरी से 20 मार्च तक चलेंगी. जबकि, हाईस्कूल की परीक्षाएं 23 फरवरी से 20 मार्च तक आयोजित की जाएंगी. इतने बड़े स्तर पर परीक्षा संचालन को लेकर शिक्षा विभाग ने केंद्र व्यवस्थापकों, परीक्षा निरीक्षकों और कोऑर्डिनेटरों की जिम्मेदारियां पहले ही तय कर दी हैं.

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: इस बार प्रश्न पत्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) को प्रश्न पत्र मुहैया कराए जा चुके हैं. इन्हें संबंधित विद्यालयों में डबल लॉक सिस्टम के तहत सुरक्षित रखा गया है. इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्तर पर प्रश्न पत्र लीक होने की संभावना समाप्त हो सके.

उत्तर पुस्तिकाओं के सुरक्षित रखरखाव के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं. परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित पैकिंग के साथ निर्धारित स्ट्रॉन्ग रूम में जमा किया जाएगा. जहां उनकी निगरानी की अलग व्यवस्था रहेगी. लिहाजा, उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजामात किए गए हैं.

संवेदनशील केंद्रों पर विशेष नजर: राज्य के 1,261 परीक्षा केंद्रों में से 156 केंद्रों को संवेदनशील और 6 केंद्रों को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है. इन केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल और विशेष निगरानी दल तैनात किए जाएंगे. विभाग ने इन केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, औचक निरीक्षण और विशेष उड़न दस्तों की तैनाती के निर्देश दिए हैं.

वहीं, नकल विहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है. ये टीमें परीक्षा के दौरान औचक निरीक्षण करेंगी और किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई करेंगी. वहीं, बढ़ते तकनीकी उपकरणों के दुरुपयोग को देखते हुए परीक्षा केंद्रों के आसपास कड़ी निगरानी रखी जाएगी.

परीक्षा केंद्रों के आस पास रहेगा धारा 163: परीक्षा केंद्रों के आस पास धारा 163 लागू रहेगी, जिससे अनाधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में फोटोकॉपी की दुकानों और भीड़भाड़ पर भी नजर रखी जाएगी. परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. परीक्षार्थियों को केवल निर्धारित सामग्री ही साथ लाने की अनुमति होगी.

प्रशासन और पुलिस का सहयोग: परीक्षा अवधि के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग ने पुलिस विभाग और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया है. जिलाधिकारियों, उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) और पुलिस अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने और व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस कर्मियों की तैनाती से परीक्षा केंद्रों के बाहर भीड़ नियंत्रण और शांति व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. प्रशासनिक अधिकारी समय-समय पर केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे.

पारदर्शिता पर विशेष जोर: शिक्षा विभाग का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना इस बार की प्राथमिकता है. इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. परीक्षा संचालन से जुड़े प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की गई है. ताकि, किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे. परीक्षा केंद्रों पर बैठने की व्यवस्था, प्रश्न पत्र वितरण, उत्तर पुस्तिकाओं का संग्रहण और सीलिंग की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है.

छात्रों की मेहनत और उम्मीदें: एक तरफ जहां शिक्षा विभाग अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है तो वहीं दूसरी ओर छात्र भी अपनी तैयारी में जुटे हैं. कई छात्र अंतिम समय में रिवीजन और मॉडल पेपर के जरिए अभ्यास कर रहे हैं. अभिभावकों की भी नजर इन परीक्षाओं पर टिकी हुई है. क्योंकि, यह छात्रों के भविष्य की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण परीक्षा होती है. शिक्षा विभाग का मानना है कि सख्त निगरानी और बेहतर समन्वय से इस बार परीक्षाएं पूरी तरह नकलविहीन और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराई जाएंगी.

उत्तराखंड में इस बार बोर्ड परीक्षाओं को लेकर व्यापक और सख्त व्यवस्था की गई है. 1,261 परीक्षा केंद्रों पर बहुस्तरीय निगरानी, संवेदनशील केंद्रों पर विशेष सतर्कता, डबल लॉक में प्रश्न पत्रों की सुरक्षा, पुलिस-प्रशासन का सहयोग और धारा 163 जैसे कदम इस बात का संकेत हैं कि सिस्टम किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता के लिए तैयार नहीं है.

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Author: nirbhiknazar

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