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मुख्य सचिव की अध्यक्षता में यूकास्ट की सामान्य महासभा बैठक, विज्ञान–तकनीक इकोसिस्टम सुदृढ़ करने पर हुआ मंथन

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकास्ट) की सामान्य महासभा (General Body) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और प्रमुख उद्यमियों ने भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की।

बैठक में उत्तराखंड में विज्ञान एवं तकनीक आधारित इकोसिस्टम विकसित करने और वैज्ञानिक टेंपरामेंट को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई। यूकास्ट के महानिदेशक दुर्गेश पंत ने परिषद की उपलब्धियों, संचालित कार्यक्रमों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

विज्ञान वाणी और जनसंचार माध्यमों से विज्ञान का प्रसार

बैठक में बताया गया कि 88.8 मेगाहर्ट्ज़ पर ‘विज्ञान वाणी’, ‘विज्ञान दृश्यम’ और ‘विज्ञान धारा’ जैसे कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश में विज्ञान के लोकव्यापीकरण को नई गति मिली है। इस पहल को वैज्ञानिक गतिविधियों के प्रभावी प्रचार-प्रसार का माध्यम बताया गया।

STEM में रुचि बढ़ाने और मेंटरशिप पर जोर

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मेंटरशिप कार्यक्रमों के माध्यम से विज्ञान एवं तकनीक का अधिकतम प्रसार किया जाए तथा विद्यार्थियों और युवाओं में STEM विषयों के प्रति रुचि विकसित की जाए।
विद्यालयों में विज्ञान संवाद, पॉडकास्ट, साइंस पत्रिका और संगठित मेंटरशिप कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के साथ वैज्ञानिक संस्थानों द्वारा प्रभावी मेंटरशिप के लिए SOP तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

जिला स्तर पर नवाचार केंद्र और लैब ऑन व्हील्स का विस्तार

बैठक में अल्मोड़ा के मानसखंड में स्थापित मानसखंड साइंस सेंटर, चंपावत विज्ञान केंद्र और प्रत्येक जनपद में नवाचार केंद्र स्थापित करने पर विचार-विमर्श हुआ।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के 13 जनपदों में संचालित ‘लैब ऑन व्हील्स’ कार्यक्रम के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इसे विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में अपग्रेड और विस्तारित किया जाए। उन्होंने उत्तराखंड को एक आदर्श वैज्ञानिक इकोसिस्टम मॉडल के रूप में विकसित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

प्रमुख संस्थानों की सहभागिता

बैठक में आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत, भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (IIP) के निदेशक हरेंद्र सिंह बिष्ट, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान सहित देशभर के वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

बैठक में सचिव नितेश झा, रंजीत सिन्हा और रविनाथ रामन सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।

लक्ष्य: उत्तराखंड को विज्ञान आधारित मॉडल राज्य बनाना

बैठक में स्पष्ट किया गया कि राज्य में विज्ञान, नवाचार और तकनीक आधारित विकास को गति देकर युवाओं को शोध, स्टार्टअप और उद्यमिता से जोड़ा जाएगा, जिससे उत्तराखंड को एक सुदृढ़ और आदर्श वैज्ञानिक इकोसिस्टम मॉडल के रूप में स्थापित किया जा सके।

 

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Author: nirbhiknazar

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