निर्भीक ब्यूरो
हरिद्वार: कल से कुंभ मेले का विधिवत आगाज हो जाएगा, कोरोना वायरस महामारी के बीच इस महायज्ञ के लिए उत्तराखंड सरकार ने एसओपी (SOP) जारी कर दिया है। कुंभ मेले में प्रवेश के लिए 26 फरवरी की गाइडलाइन ही लागू होगी। यानी अब 72 घंटे पुरानी RT- PCR नेगेटिव रिपोर्ट के साथ ही श्रद्धालुओं को कुंभ में प्रवेश मिलेगा। होटल और धर्मशाला में भी अनिवार्य रूप से कोविड 19 RT-PCR नेगेटिव रिपोर्ट चैक की जाएगी। कुंभ मेला क्षेत्र में भागवत, भजन और सामूहिक गान पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

इन तारीखों को होगा शाही स्नान
इस वर्ष कुंभ मेले का आयोजन 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक किया जा रहा है। तीन ‘शाही स्नान’ अप्रैल में किए जाएंगे। 12 और 14 अप्रैल को सभी 13 अखाड़े पवित्र डुबकी लगाएंगे, जबकि 27 अप्रैल को बैरागी अखाड़ा पवित्र डुबकी लगाएगा। स्वास्थ्य व्यवस्था के अनुसार, थर्मल स्क्रीनिंग के लिए 100 टीमों का गठन किया गया है, जबकि कोविड-19 परीक्षण करने वाली टीमों की संख्या 40 से बढ़ाकर 50 कर दी गई है और एंबुलेंस की संख्या को भी 32 से बढ़ाकर 54 कर दिया गया है।
कुंभ मे एंट्री के नियम
कुंभ में प्रवेश के लिए अब सावधानी बरती जा रही है। बताया जा रहा है कि 31 मार्च की रात से बिना कोविड निगेटिव रिपोर्ट के कुंभ क्षेत्र में प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। साथ ही, एंट्री के पहले अब हर श्रद्धालुओं को पहले से ही रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। गाइडलाइंस के अनुसार, कुंभ में 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को प्रवेश नहीं मिलेगा। साथ ही, आज रात से राज्य के सभी बॉर्डर पर रैंडम चेकिंग होगी। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बॉर्डर चेक पोस्ट पर भी चेकिंग होने वाली है। प्रदेश सरकार ने कुंभ मेला अवधि 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तय की है। आज यानि 31 मार्च की रात 12.00 बजे से मेले में प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं को सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस का पालन करना होगा। लोगों को मेला क्षेत्र में मास्क लगाकर रखना होगा। साथ ही, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सैनिटाइजेशन समेत अन्य कोविड प्रोटोकॉल्स का भी ख्याल रखना होगा।