देहरादून: चार सूत्रीय मांगों को लेकर कांग्रेस पार्टी के पूर्व सैनिक 11 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इस प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi समेत कांग्रेस के कई सांसदों के शामिल होने की संभावना है।
कांग्रेस पार्टी के पूर्व सैनिक विभाग के अध्यक्ष रिटायर्ड कर्नल राम रतन नेगी ने बताया कि देश के उन पूर्व सैनिकों को, जिन्हें सेवा के दौरान किसी प्रकार की अपंगता हुई है, पहले मिलने वाली पेंशन टैक्स फ्री होती थी। लेकिन केंद्र सरकार ने अब इस पेंशन को टैक्स के दायरे में ला दिया है, जिससे पूर्व सैनिकों में नाराजगी है।
उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों के इलाज के लिए Central Government Health Scheme (CGHS) के तहत सरकार को अस्पतालों को बड़ी राशि का भुगतान करना है। भुगतान लंबित होने के कारण कई अस्पताल पूर्व सैनिकों का इलाज करने से बच रहे हैं।
राम रतन नेगी के अनुसार तीसरा मुद्दा सैनिकों के सम्मान से जुड़ा है, जबकि चौथा मुद्दा Agnipath Scheme को समाप्त कर सेना में भर्ती की पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू करने की मांग का है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में होने वाली इस रैली में उत्तराखंड से भी सैकड़ों पूर्व सैनिक प्रदेश कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग के नेतृत्व में शामिल होंगे।
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष Suryakant Dhasmana का कहना है कि अग्निपथ योजना लागू होने के बाद उत्तराखंड के युवाओं में सेना में भर्ती होने का उत्साह कम हुआ है। कांग्रेस का कहना है कि केंद्र में सरकार बनने पर इस योजना को समाप्त कर पुरानी भर्ती प्रणाली को बहाल किया जाएगा।
गौरतलब है कि उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व सैनिकों ने राज्य में अग्निवीर योजना के विरोध में तीन चरणों में हस्ताक्षर अभियान चलाया था। तीसरे चरण की यात्रा को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Karan Mahara ने 20 फरवरी को प्रदेश मुख्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह यात्रा गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों से होते हुए 25 फरवरी को देहरादून स्थित प्रदेश मुख्यालय पहुंची थी।
अब कांग्रेस के पूर्व सैनिक एक बार फिर चार सूत्रीय मांगों को लेकर 11 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।