हरिद्वार: आज यानी एक अप्रैल से हरिद्वार महाकुंभ अधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। कुंभ के पहले दिन भक्त गंगा स्नान के लिए पहुंचे। देश में कोरोना संकट के बीच सभी धार्मिक कार्यक्रमों को चलाने की अनुमति गाइडलाइंस के साथ दी जा रही है। ऐसा ही आज से हरिद्वार में शुरू होने वाले कुंभ मेला को लेकर भी दी गई है। आमतौर पर कुंभ मेला 4 महीनों तक धूमधाम से चलता था लेकिन इस बार कोरोना संकट के कारण 30 अप्रैल को ही खत्म हो जाएगा। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा मात्रा में श्रद्धालु यहां डुबकी लगाने आना चाहेंगे लेकिन सभी को यहां आने के लिए सरकार की कुछ शर्तें माननी होंगी।

कुम्भ मे आने के लिए शर्तें
- हरिद्वार आने वाले हर व्यक्ति को आरटी-पीसीआर टेस्ट निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी। यह अनिवार्य है। यह रिपोर्ट 72 घंटे से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए।
- सभी को हर समय सार्वजनिक स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा और मास्क पहनना होगा।
- उत्तराखंड के सभी एंट्री पॉइंट्स पर COVID-19 टेस्टिंग बूथ रहेंगे।
- नारसन बॉर्डर और टेस्टिंग बूथ स्थापित किया गया है. सभी को COVID-19 के लिए परीक्षण करना होगा।
- हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर, सभी आने वाले यात्रियों को आरटी-पीसीआर टेस्ट निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी या अपना आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाना होगा।
- जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पर टेस्टिंग की सुविधा स्थापित की गई है।
उत्तराखंड: हरिद्वार में आज से कुंभ मेला शुरू हो गया है। आज सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु हर की पौड़ी पर स्नान करते दिखे। एक श्रद्धालु ने बताया, "सरकार ने यहां बहुत अच्छा प्रबंध किया है, नियमों का पालन हो रहा है।" pic.twitter.com/yuOmAQQt0M
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 1, 2021
पहले दिन पुलिस द्वारा सभी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वहीं गुरुवार को कुंभ के पहले दिन मेला अधिकारी दीपक रावत और आईजी कुंभ संजय गुंज्याल ने मां गंगा की पूजा की। इस दौरान उन्होंने कुंभ के सफल संचालन की प्रार्थना की। वहीं आज कुंभ के पहले दिन स्नान के लिए पहुंचे लोगों में से कई लोग मास्क पहने नहीं दिखे। इतना ही नहीं शारीरिक दूरी का पालन भी नहीं किया गया।