ब्यूरो रिपोर्ट
हरिद्वार: हरिद्वार कुम्भ में मेला अधिकारी से मारपीट की घटना सामने आई है। बैरागी संतों ने अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह पर हमला कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। मेला आईजी से लेकर सैकड़ों अधिकारी मौके पर पहुंचे और संतों से वार्ता करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बन पाई। हरिद्वार में बैरागी कैंप में बैरागी संतों का तम्बू लगता है। यहां बैरागी संत साधना में लीन रहते हैं। इस बार कोरोना के कारण तैयारियां पूरी नहीं हो पाईं। इस वजह से संतों का गुस्सा फूट गया और उन्होंने वार्ता के लिए पहुंचे अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह पर हमला कर दिया। अपर मेलाधिकारी के साथ मौजूद होम गार्ड जवान के साथ भी मारपीट की गई है। वो भी घायल बताया जा रहा है।
बैरागी संतों के प्रभारी बाबा हठयोगी से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा, ‘यह गलत है। किसी भी अधिकारी के साथ मारपीट करना न्यायोचित नहीं है। लेकिन इस बात को भी दरकिनार नहीं किया जा सकता कि बैरागी कैंप, गौरी शंकर द्वीप आदि जगहों पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। मैंने प्रशासन को आगाह किया था कि व्यवस्थाएं दुरुस्त करवा लीजिए। वृंदावन कुंभ के बाद जब साधु-संत हरिद्वार आएंगे तो वो इस तरह की व्यवस्था देखकर आग बबूला हो जाएंगे।’ बाबा हठयोगी ने बताया कि शौचालय, पानी, बिजली जैसी व्यवस्थाएं सब अधूरी पड़ी हैं।

इस कारण हुआ विवाद
इन दिनों कुंभ मेले के लिए देश भर से बैरागी संतों के हरिद्वार पहुंचने का सिलसिला चल रहा है। बैरागी अखाड़ों को कनखल के बैरागी कैंप में जगह दी गई है। श्री पंच निर्मोही अणि अखाड़े में गुरुवार शाम तक भी लाइट चालू नहीं हो पाई थी। जिससे अखाड़े के संत नाराज थे। अपर मेलाधिकारी हरबीर ङ्क्षसह गुरुवार शाम करीब सात बजे बैरागी कैंप पहुंचे और अखाड़े के श्रीमहंत राजेंद्र दास से वार्ता की। उसी दौरान अव्यवस्था को लेकर विवाद हो गया और कुछ साधुओं ने अपर मेलाधिकारी की पकड़कर पिटाई कर दी। चश्मे का कांच टूटकर बांयी आंख के नीचे लगने से हरबीर सिंह जख्मी को गए। बीच बचाव कराने आए पीआरडी के एक जवान को भी हमलावरों ने पीट दिया। जिससे वह बेहोश हो गया। घटना की सूचना मिलते ही मेला आइजी संजय गुंज्याल, मेला एसएसपी जन्मेजय खंडूरी, एसएसपी हरिद्वार सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।

घायल अपर मेलाधिकारी से घटना की जानकारी जुटाने के साथ ही संतों से भी वार्ता की गई। कुंभ मेला आइजी संजय गुंज्याल ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जबकि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने बताया कि निर्मोही अणि अखाड़े के अलावा सभी 12 अखाड़ों के एक-एक प्रतिनिधि को मिलाकर एक जांच कमेटी बना दी गई है। जो तीन दिन में घटना और उसके कारणों की जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने जताई नाराजगी
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अखाड़ा परिषद की बैठक बुलाकर कड़ा फैसला लिया जाएगा। प्रभारी निरीक्षक कनखल कोतवाली कमल कुमार लुंठी ने बताया कि अभी इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है।