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हरिद्वार में बोरवेल के गड्ढे में गिरे मजदूर की नहीं बची जान, 10 घंटे तक चला रेस्क्यू अभियान

हरिद्वार: श्यामपुर थाना क्षेत्र के कांगड़ी गांव में बोरिंग के दौरान बड़ा हादसा हो गया. यहां एक बोरवेल के गड्ढे में गिरने से 50 वर्षीय मनोहर सिंह दस घंटे तक गड्ढे में ही दबा रहा. ऐसे में मनोहर के रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ से लेकर पूरा प्रशासनिक अमला जुटा रहा है. इतना ही नहीं जेसीबी भी निकालने में फेल साबित हुई. ऐसे में पोकलैंड मशीन बुलानी पड़ी. आखिरकार उन्हें बाहर निकाल लिया गया. जिसके बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां मृत करार दिया गया.

कैस हुए हादसाबता दें कि मनोहर सिंह हैंडपंप लगाने का काम करता था और उसने गली नंबर 6 में हैंडपंप का बोरिंग करने का ठेका लिया हुआ है. 24 अप्रैल को निर्माणाधीन मकान में करीब 27 फुट तक बोरिंग का काम करने के बाद मनोहर गड्ढे में नीचे उतरा था और नोजल थोक रहा था, तभी अचानक से मिट्टी की ढांग गिर गई.

मनोहर संभलने से पहले ही मिट्टी के नीचे दब गया. साथ में काम कर रहा मजदूर श्रमिक भी कुछ समझ नहीं पाया. सुबह करीब 10:40 बजे हादसा हुआ और करीब 11 बजे पुलिस मौके पर पहुंची. हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.

राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी रहा. करीब दस घंटे बाद उसे रात करीब 8:45 बजे गड्ढे से बाहर निकाला गया. बाहर निकालने के बाद मनोहर को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया. जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. श्यामपुर थाना प्रभारी नितेश शर्मा के मुताबिक, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

रेस्क्यू अभियान चैलेंजिंग था, क्योंकि बार बार मिट्टी नीचे धंसकर गड्ढे में गिर रही थी. संयुक्त टीम के प्रयास से मनोहर को बाहर निकाला जा सका. पूरे मामले की जांच कराई जाएगी.

 जितेंद्र कुमार, एसडीएम, हरिद्वार

जेसीबी हुई फेल, बुलानी पड़ी पोकलैंड मशीन: एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर तिरेपन सिंह रावत ने बताया कि आपदा कंट्रोल रूम से एक शख्स के गड्ढे में गिरने की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और राहत बचाव का कार्य शुरू किया. मौके पर आकर देखा तो कई फुट गहरा और चार मीटर गोलाई के गड्ढा पाया गया.

इसी गड्ढे में मनोहर सिंह गिरकर मिट्टी के नीचे दब गए. उन्हें बाहर निकालने के लिए जेसीबी की मदद से बोरवेल के गड्ढे के बराबर में दूसरा गड्ढा खोदा गया, लेकिन यहां पोकलैंड मशीन की आवश्यकता पड़ने पर पोकलैंड मशीन बुलाई गई.

शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे की यह हादसा हो गया. बोरिंग के लिए करीब 27 फुट गहरा गड्ढा खोद दिया गया था. मनोहर गड्ढे में घुसकर पाइप लगाने गए थे. इसी दौरान गड्ढे में कच्ची मिट्टी की ढांग गिर गई और मनोहर गहरे गड्ढे में मिट्टी के नीचे दब गए.“- अमित, मनोहर के साथी

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Author: nirbhiknazar

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