देहरादून/रुद्रप्रयाग: श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 के दौरान जिला प्रशासन श्रद्धालुओं को त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। यात्रा मार्ग से लेकर धाम क्षेत्र तक मेडिकल रिलीफ पोस्ट, बेस कैंप चिकित्सालय, हेली और एंबुलेंस रेस्क्यू सेवाएं लगातार सक्रिय हैं। तीन दिनों में कुल 6733 यात्रियों को ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं दी गई हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को 4993 श्रद्धालुओं का उपचार किया गया, जबकि अब तक 2869 यात्रियों की स्वास्थ्य जांच एवं स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें शुक्रवार को ही 1311 जांचें की गईं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संभावित जोखिम वाले यात्रियों की समय रहते पहचान कर जरूरी परामर्श दिया जा रहा है।
रेस्क्यू व्यवस्था के तहत अब तक 4 यात्रियों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से हायर सेंटर भेजा गया है, जबकि 13 यात्रियों को एंबुलेंस और 7 श्रद्धालुओं को डंडी-कंडी के जरिए सुरक्षित नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। स्वास्थ्य परीक्षण में अब तक 11 यात्री यात्रा के लिए अयोग्य पाए गए, जिनमें 2 मामले शुक्रवार के हैं।
गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए 23 अप्रैल को दो और शुक्रवार को दो गंभीर मरीजों को हेली रेस्क्यू के जरिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया। गुजरात निवासी 55 वर्षीय धनजी भाई और महाराष्ट्र निवासी 19 वर्षीय मंदार मधुकर को सांस लेने में दिक्कत के चलते हायर सेंटर रेफर किया गया।
जिला प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर 24×7 स्वास्थ्य सेवाएं सक्रिय रखी हैं। ऑक्सीजन सुविधा, प्रशिक्षित चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, एंबुलेंस और हेली सेवाएं लगातार तैनात हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से यात्रा से पहले स्वास्थ्य परीक्षण कराने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र से संपर्क करने की अपील की है।
कुल मिलाकर, सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाओं और त्वरित रेस्क्यू प्रणाली के जरिए केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।