ब्यूरो रिपोर्ट
देहारादून: मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्य, भव्य और सुरक्षित कुंभ के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध और संकल्पबद्ध है। कुंभ मेले में केंद्र सरकार की गाइडलाइन का पूरी तरह अनुपालन कराया जाएगा। सरकार का प्रयास रहेगा कि श्रद्धालुओं को गैर जरूरी रोकटोक का सामना न करना पड़े। साधु-संतों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुंभ के लिए केंद्र सरकार से पूरा सहयोग मिला है। कुंभ के कार्यों में 772.47 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
गुरुवार को मीडिया से वर्चुअल बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेले में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाकचौबंद रखी गई है। बसों की संख्या बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के विभिन्न विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार ने 700 करोड़ रुपये की धनराशि मुहैया कराई है।

कहाँ कितनी राशि हुई खर्च
- नमामि गंगे के तहत शौचालय व कूड़ेदान के लिए 58 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई गई है।
- सुंदर कुंभ मेले के दृष्टिगत एक करोड़ रुपये और चेंजिंग रूम के लिए 50 लाख रुपये की धनराशि दी गई है।
- सरकार ने नौ स्नान घाटों एवं आस्था पथ का निर्माण 49.64 करोड़ की लागत से कराया है।
- आस्था पथ ऋषिकेश का पुनरोद्धार एवं बाढ़ सुरक्षा कार्य 11.57 करोड़ की लागत से कराए गए हंै।
- 12.75 करोड़ की लागत से सड़कों का निर्माण कराया गया है।
- 63.98 करोड़ रुपये की लागत से आठ स्थायी पुलों का निर्माण किया गया है।
- 12.16 करोड़ की लागत से पेयजल व्यवस्था के कार्य व ट्यूबवेल का निर्माण किया गया है।
- 4.87 करोड़ की लागत से नई सीवर लाइन बिछाई गई है।
- भूमिगत केबल परियोजना में 301 करोड़ की लागत से कार्य कराया गया है।
- 6 करोड़ की लागत से चौराहों व 11 करोड़ की लागत से पार्कों का सौंदर्यीकरण किया गया है।
- 34 करोड़ की लागत से हर की पैड़ी का जीर्णोंद्धार किया गया है।
- 2.57 करोड़ की लागत से मीडिया सेंटर की स्थापना की गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कुंभ मेले में स्वास्थ्य सेवाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। इसके तहत 2.22 करोड़ की लागत से 150 बेड के अस्पताल की स्थापना की गई है। 463 बेड क्षमता के 39 चिकित्सालयों के लिए 70.15 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा के लिए 17.34 करोड़ की लागत से पुलिस सर्विलांस सिस्टम की स्थापना की गई है। इसके अलावा कुंभ मेला अवधि के लिए 1.18 करोड़ की लागत से अस्थायी नेत्र कुंभ की भी स्थापना की गई है।