देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस में संगठन विस्तार को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म हो सकता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल गुरुवार को दिल्ली दौरे पर पहुंचे हैं, जहां उनका दौरा प्रदेश कार्यकारिणी गठन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। कांग्रेस नेताओं के बीच चर्चा है कि आलाकमान के साथ बैठक के बाद जल्द ही उत्तराखंड पीसीसी कार्यकारिणी की घोषणा हो सकती है।
दरअसल, गणेश गोदियाल को प्रदेश अध्यक्ष बने करीब 6 महीने पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी टीम का गठन नहीं हो पाया है। ऐसे में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की चुनौती कांग्रेस नेतृत्व के सामने बनी हुई है।
खास बात यह भी है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा के कार्यकाल में भी प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं हो सका था। करण माहरा अप्रैल 2022 से नवंबर 2025 तक करीब साढ़े तीन वर्षों तक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहे, लेकिन इस दौरान लोकसभा चुनाव 2024 होने के बावजूद उन्हें भी पूरी कार्यकारिणी नहीं मिल पाई थी।
अब 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान उत्तराखंड में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में देरी नहीं करना चाहता। माना जा रहा है कि गणेश गोदियाल का दिल्ली दौरा इसी रणनीति का हिस्सा है।
कांग्रेस नेता अमरेंद्र बिष्ट ने कहा कि प्रदेश में संगठन सृजन की प्रक्रिया लगातार जारी है। प्रदेश अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, प्रभारी और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों का चयन किया जा चुका है, जबकि जिला कार्यकारिणियों के विस्तार की प्रक्रिया भी चल रही है। उन्होंने माना कि प्रदेश कार्यकारिणी गठन में निश्चित तौर पर देरी हुई है।
अमरेंद्र बिष्ट का कहना है कि गणेश गोदियाल लगातार चाहते रहे हैं कि पार्टी में ऊर्जावान और सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी मिले, ताकि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिल्ली दौरे के बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की घोषणा जल्द हो सकती है।