देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है और अब तक 32 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। साथ ही आगामी कांवड़ यात्रा और कुंभ मेले को देखते हुए सरकार व्यापक स्तर पर तैयारियों में जुटी हुई है।
मुख्यमंत्री ने सचिवालय में आयोजित चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दर्शन व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) को और सख्त बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्रा मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पर लगी रोक का कड़ाई से पालन कराया जाए। इस दौरान केवल ट्रकों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े भारी वाहनों को ही अनुमति दी जाए, जबकि दिन के समय बड़े वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध प्रभावी रूप से लागू रहे।
उन्होंने कहा कि किसी भी धाम या प्रमुख पड़ाव पर निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ होने की स्थिति में होल्डिंग एरिया और चेक प्वाइंट्स पर वाहनों एवं श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए। चरणबद्ध तरीके से यात्रियों को आगे भेजकर भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोका या ठहराया जाता है, वहां पार्किंग, भोजन, पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था हो। यात्रियों को हर स्तर पर समय पर सूचना उपलब्ध कराई जाए ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि यात्रा अब दूसरे और अधिक चुनौतीपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है, जहां मानसून और प्रतिकूल मौसम बड़ी चुनौती होंगे। ऐसे में यात्रा प्रबंधन को वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सतर्कता और बेहतर समन्वय के साथ संचालित करना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं से प्राप्त शिकायतों, सुझावों और फीडबैक की दैनिक समीक्षा करने तथा तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, सैटेलाइट फोन, एंबुलेंस और राहत-बचाव उपकरणों की अग्रिम व्यवस्था करने को भी कहा।
उन्होंने गढ़वाल आयुक्त और आईजी गढ़वाल को यात्रा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही यात्रा मार्गों पर संचालित होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में मूल्य सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने चारधाम और पैदल यात्रा मार्गों पर स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए गंभीर मरीजों के लिए हेली एंबुलेंस सेवा हेतु राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने और केदारनाथ पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त शेड तथा बारिश और धूप से बचाव की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।