हरिद्वार: RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आज दुनिया भारत के जरिए राजा भगीरथ द्वारा दिखाए गए धर्म को जानने और समझने की कोशिश कर रही है। हमारे महापुरुषों ने पूरी दुनिया को सनातन धर्म की उत्कृष्टता और अलौकिकता का दर्शन कराया। आज के समय में दुनिया को इसकी आवश्यकता है। इसलिए हमारा यह कर्तव्य बनता है कि हम अपने आचरण, विचार और व्यवहार से दुनिया को सही रास्ता दिखाएं। साथ ही देश को विश्व गुरु बनाएं। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि दुनिया के कल्याण के लिए अपने प्रयासों को निरंतर बनाए रखें।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को हरिद्वार के कुंभ मेला क्षेत्र में प्रेम नगर आश्रम चौक और शंकराचार्य चौक के पास सतनाम साक्षी घाट, भारत माता, शौर्य स्मारक, अमरापुर घाट और दीप स्तंभ का अवलोकन व लोकार्पण किया। इसके बाद स्वामी सर्वानंद घाट पर गंगा पूजन के बाद कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश को धर्म, संस्कृति और देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले अनेकों महापुरुष पैदा हुए, जिन्होंने अपने त्याग और बलिदान से पूरी दुनिया को प्रेरणा दी, राह दिखाई। इस देश का मस्तक पूरी दुनिया में ऊंचा उठाया। अपने ज्ञान, तप, तेज, त्याग और बलिदान से देश को विश्व गुरु बनाया। उन्होंने कहा कि हमें अपने गौरवशाली इतिहास और वीर पुरुषों को नहीं भूलना चाहिए। उनको हमेशा याद और नमन करना चाहिए।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आगे कहा कि आज जब हम देश की सीमा के भीतर सुख-चैन के साथ अपना कार्य कर पाते हैं, चैन की नींद सो पाते हैं, अपने परिवार और बच्चों का रक्षा कर पाते हैं। तो उसकी असल वजह यही है कि सीमा पर हमारे देश के वीर जवान हमारी रक्षा को अपना सर्वस्व बलिदान करने के लिए हर वक्त चेतन, सजग और सतर्क रहते हैं। हमारा कर्तव्य है ऐसे महापुरुषों, वीर जवानों की इस तपस्या को आगे ले जाएं और उसका अनुसरण करें। दुनिया को यह दिखा देना चाहिए कि हम बलिदान देने में पीछे नहीं हैं।