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मोतीचूर मिट्टी विवाद के बाद हरिद्वार के जिला खनन अधिकारी हटाए गए, कासिम रजा निदेशालय अटैच

हरिद्वार। मोतीचूर क्षेत्र में नाले की खुदाई से निकली मिट्टी के कथित अवैध उठान को लेकर हुए विवाद के बाद शासन ने हरिद्वार के जिला खनन अधिकारी कासिम रजा को उनके पद से हटा दिया है। शासन ने उन्हें खनन निदेशालय से अटैच कर दिया है, जबकि निदेशालय में तैनात अमित गौरव को हरिद्वार के जिला खनन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई हाल ही में उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के जिलाध्यक्ष गोकुल सिंह रावत और जिला खनन अधिकारी के बीच हुए विवाद के बाद की गई है। मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद खनन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई थी।

यूकेडी जिलाध्यक्ष गोकुल सिंह रावत ने आरोप लगाया था कि मोतीचूर रेलवे स्टेशन के पास नाले की खुदाई से निकली मिट्टी को बिना अनुमति एक निजी भूमि पर डाला जा रहा था। शिकायत के बाद जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर जिला खनन अधिकारी मौके पर जांच के लिए पहुंचे थे, जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद और नोकझोंक की स्थिति बन गई।

विवाद के बाद यूकेडी कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद शासन ने कासिम रजा को तत्काल प्रभाव से पद से हटाकर निदेशालय से संबद्ध कर दिया।

हालांकि, यूकेडी ने केवल अधिकारी को हटाने को पर्याप्त नहीं माना है। गोकुल सिंह रावत का कहना है कि पूरे मामले में अवैध मिट्टी उठान और उसे ठिकाने लगाने की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि नाले की सफाई के नाम पर आठ से दस फीट तक खुदाई कर मिट्टी को मिलीभगत से दूसरी जगह डाला गया और बाद में उस भूमि को समतल कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि मामले में केवल खनन विभाग ही नहीं, बल्कि अन्य संबंधित विभागों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

वहीं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पुष्टि करते हुए बताया कि शासन स्तर से जिला खनन अधिकारी कासिम रजा को निदेशालय से अटैच किया गया है तथा अमित गौरव ने हरिद्वार में पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी समीक्षा की जा रही है।

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Author: nirbhiknazar

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