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पंतनगर में छात्रों संग खेत में उतरे शिवराज, कहा – खेती किताबों से नहीं, खेत में उतरकर सीखी जाती है, धान की रोपाई कर दिया किसानों से जुड़ाव का संदेश

रुद्रपुर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को उत्तराखंड के पंतनगर स्थित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कृषि से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ खेत में उतरकर धान की रोपाई की और कहा कि खेती केवल किताबों से नहीं, बल्कि खेत में उतरकर सीखी और समझी जाती है।

शिवराज सिंह चौहान ने ‘खेत बचाओ अभियान’ में भाग लेते हुए किसानों से मृदा संरक्षण, प्राकृतिक खेती और वैज्ञानिक अनुसंधान को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्रालय केवल दफ्तरों से नहीं, बल्कि खेतों से चलता है और किसानों के बीच रहकर ही उनकी वास्तविक समस्याओं को समझा जा सकता है।

पूर्व छात्र सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय भारतीय कृषि का गौरव है, जिसने देश को उत्कृष्ट वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और उद्यमी दिए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि आज नई ऊंचाइयों को छू रही है, लेकिन जलवायु परिवर्तन, मिट्टी के स्वास्थ्य और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अनुसंधान और नवाचार को और मजबूत करना होगा।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब किसान समृद्ध होंगे और कृषि आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ेगी। उन्होंने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से देश की कृषि व्यवस्था को और सशक्त बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी से अपने जन्मदिन या किसी विशेष अवसर पर कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की।

बाद में सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने अनुभव साझा करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि कृषि मंत्रालय केवल कार्यालयों से नहीं, बल्कि खेतों से संचालित होता है और किसानों के साथ जुड़कर ही कृषि को नई दिशा दी जा सकती है।

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Author: nirbhiknazar

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