निर्भीक ब्यूरो
पटना: बिहार में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान तेजी से नए कोरोना संक्रमित मामलों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। बिहार में जहां शुक्रवार को एक दिन में 662 नए केस सामने आए, वहीं शनिवार को संख्या बढ़कर 836 पर पहुंच गई। यानि कि एक दिन में सूबे में 174 नए संक्रमित मामलों में बढ़ोतरी हुई है। वहीं प्रदेश में पटना जिले के सबसे ज्यादा हालात खराब हो रहे हैं। जहां पटना में शुक्रवार को 287 मामले सामने आए थे वहीं शनिवार को पटना में 359 नए केस सामने आए। देश के दूसरे राज्यों में भी कोरोना वायरस तेजी फैल रहा है। बिहार में दूसरी लहर के दौरान कोरोना का विस्फोट होता हुआ नजर आ रहा है। वहीं बिहार सरकार ने भी कोरोना की रोकथाम के लिए कई कड़े फैसले लिए हैं। इन सभी बातों पर गौर की जाए तो सवाल उत्पन्न होता है कि क्या बिहार में एक बार फिर से लॉकडाउन के हालात बन रहे हैं?

बिहार में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अब एक्टिव मरीजों की संख्या 2942 पर पहुंच गई है। दूसरी ओर सूबे में एक बार फिर से अस्पतालों के बेड कोरोना संक्रमित मरीजों से भरने लगे हैं। राजधानी पटना में पीएमसीएच-एनएमसीएच छोड़ कर सभी बड़े अस्पतालों के कोविड वार्ड मरीजों से भर गए हैं। जानकारों का मानना है कि आने वाले कुछ दिनों में बिहार में कोरोना संक्रमित मामलों में और तेजी आ सकती है। वहीं बिहार स्वास्थ्य विभाग ने ताजा हालातों को देखते हुए प्रदेश के सभी सरकारी के साथ-साथ निजी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों को कोरोना मरीजों के सतर्क रहने के लिए कह दिया है। साथ ही पूरी तरह से अलर्ट रखने का निर्देश दिया है। वर्तमान में सूबे के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में कोविड वार्ड में 100- 100 बेड उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री श्री @NitishKumar कोविड-19 से संबंधित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक करते हुए। स्थान, संकल्प, एक अन्ने मार्ग,पटना | pic.twitter.com/6RidXXz0qL
— IPRD Bihar (@IPRD_Bihar) April 3, 2021
दूसरी ओर पटना में शनिवार की देर शाम को सीएम नीतीश कुमार के नेतत्व में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। जिसमें कई फैसले लिए गए। बैठक में सीएम के निर्देश के बाद आपदा प्रबंधन समूह की बैठक भी आयोजित की गई। इस बैठक के बाद मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह और डीजीपी एसके सिंघल ने कोरोना संक्रमण के फैलाव की रोकथाम के लिए शनिवार को संयुक्त आदेश जारी किया।
स्कूल बंद
बिहार में तेजी से बढ़ रहे कोरोना मामलों को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक आयोजनों पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी गई है। वहीं सभी शैक्षणिक संस्थान 12 अप्रैल तक बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा पूर्वनिर्धारित परीक्षाएं स्कूल या कॉलेज प्रबंधन जरूरत अनुसार कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते पूरे कराए जा सकते हैं।
आयोजन पर रोक
सार्वजनिक जगहों पर सरकारी या निजी हर तरह के आयोजन पर रोक लगा दी गई है। यह आदेश अप्रैल के अंत तक प्रभावी होगा। शादी व श्राद्ध कार्यक्रम पर रोक नहीं लगाई गई है। इस कार्यक्रमों में लोगों की मौजूदगी सीमित कर दी गई है। श्राद्ध कार्यक्रम में 50 लोग मौजूद रहेंगे। वहीं शादी समारोह में अधिकतम 250 लोग उपस्थित हो सकते हैं। ये आदेश मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह और डीजीपी एसके सिंघल ने सूबे में बढ रहे नए कोरोना के मामलों को देखते हुए जारी किया।
सरकारी कार्यालय में आम लोगों के प्रवेश पर लगी रोक
सरकारी ऑफिसों में आम नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। कार्यालय प्रधान अपने हिसाब से ऑफिस का समय व अधिकारियों-कर्मचारियों की मौजूदगी तय करेंगे। सरकारी कार्यालयों में यह व्यवस्था 30 अप्रैल तक लागू रहेगी।