देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में चल रहे ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार‘ अभियान को आम जनता का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। 4 जुलाई से शुरू हुए 15 दिवसीय अभियान के पहले तीन दिनों में ही प्रदेशभर में आयोजित विशेष शिविरों में हजारों लोगों ने भाग लेकर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया और अपनी समस्याओं का मौके पर ही समाधान कराया।
जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर आयोजित शिविरों में समाज कल्याण पेंशन, आयुष्मान कार्ड, विभिन्न प्रमाणपत्र, चिकित्सा उपकरण, कृषि उपकरण, बीज तथा अन्य जनकल्याणकारी सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही सड़क, बिजली, पानी और राजस्व संबंधी शिकायतों का भी मौके पर निस्तारण किया जा रहा है। शिविरों में संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं।
राज्य सरकार का उद्देश्य लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना है। इसी सोच के तहत प्रशासन स्वयं गांव-गांव और कस्बों तक पहुंचकर शिकायतों का समाधान कर रहा है तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध करा रहा है।
सरकार ने बताया कि इससे पहले दिसंबर 2025 में चलाए गए 45 दिवसीय ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार‘ अभियान के तहत प्रदेशभर में 681 शिविर लगाए गए थे। इनमें 5.33 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया था और लगभग 33 हजार जनशिकायतों का त्वरित निस्तारण किया गया था। इस पहल को सुशासन की एक प्रभावी कार्यप्रणाली के रूप में भी सराहा गया था।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि सरकार ‘सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि‘ के मंत्र के साथ जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।