देहरादून/उत्तरकाशी। मानसून की शुरुआत के साथ ही उत्तरकाशी जिले के मोरी विकासखंड की बड़ासु पट्टी के पांच दूरस्थ गांवों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सांकरी-गंगाड़-ओसला मोटर मार्ग पर हलारा और पूर्ति नालों में जलस्तर बढ़ने से पवाणी, ओसला, गंगाड़, ढाटमीर और तालुका गांवों का विकासखंड मुख्यालय से संपर्क प्रभावित होने लगा है। उफनते नालों के बीच ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के अनुसार दोपहिया वाहनों को नालों से पार कराने के लिए पांच से दस लोगों की मदद लेनी पड़ रही है, जबकि बड़े वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए भी हर समय दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस समय क्षेत्र में सेब, राजमा और चौलाई जैसी नगदी फसलों की निकासी का समय है। यदि बारिश का दौर तेज हुआ तो पांचों गांवों का संपर्क पूरी तरह कट सकता है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने पूर्ति और हलारा खड्ड पर पुल निर्माण तथा वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग दोहराते हुए कहा कि इस संबंध में कई बार पीएमजीएसवाई से आग्रह किया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद पीएमजीएसवाई को सुरक्षा उपायों के साथ आवाजाही सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर आपदा मद से वैकल्पिक व्यवस्थाएं करने को भी कहा गया है।
इधर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 9 और 10 जुलाई को प्रदेश के कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके मद्देनजर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने सभी जिलाधिकारियों को राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने और सड़क मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
लगातार बारिश का असर सड़क नेटवर्क पर भी दिखाई देने लगा है। एसईओसी के अनुसार प्रदेश में चार राज्य मार्ग सहित कुल 70 सड़कें बंद हैं। इनमें देहरादून और पिथौरागढ़ में सबसे अधिक 14-14 सड़कें बंद हैं। देहरादून में तीन राज्य मार्ग प्रभावित हैं, जबकि चमोली में 10, पौड़ी और टिहरी में आठ-आठ, बागेश्वर में छह, रुद्रप्रयाग में चार तथा चम्पावत, अल्मोड़ा और नैनीताल में दो-दो सड़कें बंद हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।