देहरादून चारधाम परियोजना के पैकेज-2 एवं पैकेज-3 के तहत लंबित भूमि अधिग्रहण कार्यों को लेकर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री रमेश कुमार सुधांशु ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी लंबित औपचारिकताएं पूरी कर संबंधित भूमि का कब्जा अधिकतम एक सप्ताह के भीतर राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) को उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि तय समयसीमा में कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सचिवालय में प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में चारधाम परियोजना के पैकेज-2 एवं पैकेज-3 से जुड़े भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण, सक्षम प्राधिकारी (काला) स्तर पर लंबित प्रकरणों, मध्यस्थता वादों, स्वामित्व विवादों तथा अन्य लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में परियोजना की प्रगति में आ रही बाधाओं को दूर करने और लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
प्रमुख सचिव ने अधिकारियों से कहा कि चारधाम परियोजना राज्य की महत्वपूर्ण एवं प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में शामिल है। ऐसे में सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण करें, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ सके। उन्होंने भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब से बचने तथा प्रत्येक स्तर पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव विनीत कुमार, कल्याणी एवं मीनाक्षी जोशी, अपर प्रमुख वन संरक्षक एवं नोडल अधिकारी (वन भूमि हस्तांतरण), चमोली के अपर जिलाधिकारी तथा एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।