Skip to main content

Nirbhik Nazar

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार होंगे विश्वविद्यालय, मुख्य सचिव ने दिए 5 वर्षीय कार्ययोजना के निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेश के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली का आकलन किया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप उच्च शिक्षण संस्थानों को विकसित करने और गुणवत्ता आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी सरकारी विश्वविद्यालयों को आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों को एनएएसी (NAAC) और एनआईआरएफ (NIRF) मान्यता एवं रैंकिंग प्राप्त करने पर विशेष ध्यान देना होगा। इसके लिए अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक रणनीति तैयार कर सभी गुणवत्ता मानकों को पूरा किया जाए।

बैठक में उन्होंने प्रदेश के सभी 11 सरकारी विश्वविद्यालयों को मूल्यांकन और रैंकिंग के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी सरकारी और अनुदानित महाविद्यालयों के लिए अगले 8 से 10 दिनों के भीतर राज्य स्तरीय रैंकिंग के मानक तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया।

मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों के लिए ट्रेसिंग मैकेनिज्म विकसित करने पर भी जोर दिया, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके रोजगार, उच्च शिक्षा और करियर की प्रगति पर निगरानी रखी जा सके। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रमों के साथ इंटर्नशिप को भी अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए तथा विश्वविद्यालय उद्योगों, गैर-सरकारी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करें।

उन्होंने विश्वविद्यालयों में विदेशी भाषाओं के अध्ययन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर बेहतर अवसर मिल सकेंगे। साथ ही संबंधित विभागों को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश भी दिए।

बैठक में सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, अपर सचिव मनुज गोयल, कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो. दीवान एस. रावत, प्रो. नवीन चंद्र लोहानी, प्रो. एन.के. जोशी, प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

nirbhiknazar
Author: nirbhiknazar

Live Cricket Score
Astro
000000

Live News