हल्द्वानी। राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं मंडल के व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। आईटीसी फॉर्च्यून में आयोजित कार्यक्रम में व्यापारियों ने जीएसटी प्रक्रियाओं को सरल बनाने, मंडी शुल्क, अतिक्रमण, पार्किंग, लीज नवीनीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में सुविधाओं और स्थानीय उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखे। मुख्यमंत्री ने समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े उद्यमी तक राज्य की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार व्यापारियों और उद्यमियों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और सरल कारोबारी वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सरल बनाने के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था को मजबूत किया गया है। वर्तमान में 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ की व्यवस्था भी की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे करीब 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास उद्योगों के लिए बाधाएं खड़ी करना नहीं, बल्कि उन्हें सहयोगी वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि निवेश बढ़े और रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
युवाओं को उद्यमिता की ओर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड स्टार्टअप नीति और 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि पर्वतीय क्षेत्रों के युवा अपने गांव में रहकर भी देश-दुनिया के बाजार के लिए कारोबार खड़ा करें।
स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट’ जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ‘मेड इन उत्तराखंड’ को देश और दुनिया में मजबूत पहचान दिलाने के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कोविड काल का जिक्र करते हुए कहा कि संकट के समय किराना और खुदरा कारोबारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों तक राशन और जरूरी सामान पहुंचाया। उन्होंने व्यापारी वर्ग को देश और प्रदेश का मजबूत स्तंभ बताते हुए उन्हें ‘ब्रांड इंडिया’ का सच्चा राजदूत बताया।