देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आवास विभाग के अधीन सभी विकास प्राधिकरणों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मास्टर प्लान और विकास परियोजनाओं में तेजी लाने तथा प्रत्येक कार्य के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय कर जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने प्राधिकरण क्षेत्रों की सभी खराब सड़कों को अगले 15 दिनों में दुरुस्त करने और 15 अक्टूबर तक बड़े स्तर पर सौंदर्यीकरण कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। सौंदर्यीकरण का स्वरूप जी-20 सम्मेलन के दौरान किए गए कार्यों की तर्ज पर आकर्षक बनाने को कहा गया।
उन्होंने सभी शहरों में सिटी पार्क विकसित करने और उनमें पिंक शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य करने के निर्देश दिए। अगली समीक्षा बैठक तक इस लक्ष्य का करीब 70 प्रतिशत पूरा करने को कहा गया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों की विस्तृत जानकारी 15 दिन में मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
अवैध निर्माण पर सख्ती करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रत्येक विकास प्राधिकरण में अवैध निर्माण निगरानी डैशबोर्ड बनाने को कहा। इसमें संदिग्ध निर्माण की पहचान से लेकर नोटिस, सीलिंग और ध्वस्तीकरण तक की कार्रवाई की वास्तविक समय में निगरानी की जाएगी। उन्होंने जीआईएस, उपग्रह चित्रों और ड्रोन के माध्यम से अवैध निर्माण की शुरुआती स्तर पर पहचान करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने देहरादून और हरिद्वार क्षेत्र में पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान के लिए बहुस्तरीय, सतही और परिधीय पार्किंग के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली को सभी जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों से जोड़ने तथा प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने दो से तीन विकास क्षेत्रों में पायलट आधार पर भूमि पूलिंग योजना लागू करने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों में भी सड़क, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास प्राधिकरणों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीक का अधिकतम उपयोग होना चाहिए। योजनाओं का लाभ जनता को समय पर मिले, इसके लिए प्रत्येक स्तर पर नियमित निगरानी और जिम्मेदारी तय की जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार सहित सभी विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।