देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नौकरी दिलाने और राजनीतिक पद देने के बदले पैसे लेने के आरोपों पर भावुक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपनी मां की सौगंध खाते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी से नौकरी दिलाने के बदले एक पैसा नहीं लिया और न ही इसके बदले किसी की चाय या पानी तक पिया।
सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में हरीश रावत ने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में हजारों लोगों के काम और रोजगार के लिए सिफारिश की है। उनके मुताबिक, यदि किसी ने उनकी मदद की भी है तो वह व्यक्तिगत संबंधों और सहयोग के रूप में की है।
हरीश रावत ने कहा कि इससे पहले भी चुनावों के दौरान उनके खिलाफ कई तरह के आरोप और प्रचार किए गए, लेकिन उन्हें लेकर कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि वह अपने ऊपर लगाए जा रहे इस कथित कलंक के साथ जीवन समाप्त नहीं करना चाहते।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी किसी से राजनीतिक पद दिलाने के बदले भी पैसा नहीं लिया। उन्होंने मां की सौगंध खाते हुए कहा कि यदि उन्होंने किसी चीज के बदले पैसा लिया हो तो उनकी मां उन्हें श्राप दें।
चंदन जीना को लेकर जताई चिंता
हरीश रावत ने अपने पूर्व विशेष कार्याधिकारी चंदन सिंह जीना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चंदन ने लंबे समय तक छाया की तरह उनके साथ काम किया और अब उनकी जीवनभर की पूंजी जब्त किए जाने से वह चिंतित हैं।
हरीश रावत ने कहा कि चंदन के बच्चों की पढ़ाई और परिवार की आजीविका को लेकर उन्हें चिंता हो रही है। उन्होंने कहा कि उनके अपने पास भी इतने साधन नहीं हैं कि वह अपने घर का खर्च आसानी से उठा सकें, ऐसे में चंदन के परिवार की स्थिति को लेकर उनकी चिंता और बढ़ गई है।