नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राजघाट पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने गांधी जी की समाधि पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना में भी हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर विजय घाट पहुंचकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और संघर्ष के बीच गांधी जी का शांति और अहिंसा का संदेश और अधिक प्रासंगिक हो गया है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है और इस यात्रा में सहानुभूति तथा समावेशिता को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने इसे गांधी जी के ‘सर्वोदय’ के आदर्श से जुड़ा बताया।
गांधी जयंती के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में भी गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए।
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने गांधी जयंती से 31 अक्टूबर तक देशव्यापी स्वच्छता अभियान में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने नागरिकों, सरकारी और निजी संस्थानों, शिक्षण संस्थानों तथा विभिन्न संगठनों से अभियान में सहभागी बनने की अपील की।
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उनकी जयंती को भारत में गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा अहिंसा के संदेश को बढ़ावा देने के लिए 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
इसी दिन देश पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाता है। शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1964 से 1966 तक देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। ‘जय जवान, जय किसान’ का उनका आह्वान आज भी उनके सार्वजनिक जीवन की प्रमुख पहचान के रूप में स्मरण किया जाता है।