हल्द्वानी। उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में आयोजित प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन के माध्यम से व्यापारी वर्ग को भरोसा दिलाने की कोशिश की। प्रदेशभर से पहुंचे व्यापारियों के बीच मुख्यमंत्री ने सुरक्षा, सम्मान और कारोबार को आसान बनाने का भरोसा दिया। साथ ही व्यापारियों के हितों से जुड़ी आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने और प्रदेश की आर्थिक मजबूती में व्यापारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सरकार व्यापारियों के हितों की रक्षा और उन्हें सुरक्षित, पारदर्शी तथा भयमुक्त कारोबारी माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारियों को अनावश्यक प्रक्रियाओं और सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए कारोबारी व्यवस्थाओं को सरल बनाया जा रहा है। सरकार के अनुसार, एकल खिड़की व्यवस्था के तहत 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने व्यापारियों के हित में आठ घोषणाएं कीं। इनमें प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार राहत देने, राज्य और जिला स्तर पर उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन कर उनकी नियमित बैठकें कराने तथा वस्तु एवं सेवा कर में पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की घोषणा शामिल है।
इसके अलावा पर्यटन व्यवसाय के पंजीकरण की प्रक्रिया सरल बनाने, पर्यटन क्षेत्रों में होम स्टे सुविधाओं का विस्तार करने और चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर पार्किंग विकसित करने की बात कही गई। प्रमुख मार्गों से जुड़े बाजारों में सड़कों और नालियों की मरम्मत को प्राथमिकता देने का भी ऐलान किया गया।
मुख्यमंत्री ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं का लाभ दिलाने की बात भी कही। उन्होंने निवेश, नए उद्यमों और पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। सम्मेलन के जरिए सरकार ने व्यापारियों की समस्याओं के समाधान, कारोबार को सुगम बनाने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का संदेश देने की कोशिश की।