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बिहार के स्कूल मे NRC और CAA को लेकर गलत तथ्य पढ़ाने पर, आयोग ने करा दिया देशद्रोह का मुकदमा दर्ज

पटना:  बिहार के दानापुर में कैंट स्थित एक स्कूल में संचालित ज्ञान-विज्ञान रैम्बो होम में छात्राओं को एनआरसी और सीएए कानून के बारे में जिस तरह पढ़ाया जा रहा था, उसको लेकर देशद्रोह का केस दर्ज किया गया है।  राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग ने विषयवस्तु एवं उसे पढ़ाए जाने के तौर-तरीके पर स्वत: संज्ञान लेते हुए केस दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। दानापुर थाना में कांड संख्या 258/21 में आईपीसी की धारा 124 ए, 153 ए 505 (2) एवं अन्य के तहत केस दर्ज किया गया है। दरअसल बाल संरक्षण आयोग ने इस संबंध में तीन पेज की चिट्ठी पटना एसएसपी को भेजी थी। उसकी प्रति मुख्य सचिव, डीजीपी और पटना डीएम को भी दी गई है। इस चिट्ठी के आधार पर ही यह केस दर्ज किया गया है।

राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो
राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो

आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि उन्होंने वहां रखे एक रजिस्टर में इन दोनों ही संवेदनशील कानून के खिलाफ कई बात लिखी देखी। आयोग का कहना है कि छात्र-छात्राओं को भड़काते हुए संस्था के सदस्यों ने बच्चों को यह पढ़ाया है कि यदि कानून वहां रहने वाले नागरिकों के हित में नहीं है तो हम सबको मिलकर उसका विरोध करना चाहिए। हमें जरूरी दस्तावेजों को संभालकर रखना चाहिए, ताकि जरूरत पडऩे पर वह हमारे काम आ सके। इन कागजातों में घर का दस्तावेज न होने पर बेघर करने की बात लिखी गई है, जिसे आयोग ने भड़काने वाला माना है। आयोग ने यह भी कहा है कि रजिस्टर के पेज 76 से 78 तक में दोबारा ग्रुप मीटिंग का जिक्र है। इसके अनुसार पांच लड़कियों ने एनआरसी और सीएए के बारे में फिर से लिखा है।

छात्रा ने जिस तरीके से लिखा है, उसे आयोग ने देश के कानून के बारे में गलत तरीके से दी रही शिक्षा माना है। दरअसल, बाल संरक्षण आयोग के हाथ छात्रा का लिखा जो दस्तावेज लगा है, उसमें छात्रा ने लिखा कि मेरा नाम….. है। मैं सुबह चार बजे उठकर पढ़ती हूं और अपने फ्रेंड्स को पढऩे को बोलती हूं। मैं एनआरसी के विरोध में हूं, क्योंकि हमारे पास घर नहीं है तो डॉक्यूमेंट्स कहां रखेंगे।

राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो इस स्कूल में निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने संस्था में रखे कागजातों को देखा तो पाया कि इनके जरिए स्कूल में नाबालिगों को देश में बने कानूनों के खिलाफ ऐसे बताया जा रहा था जैसे कानून उनके खिलाफ है। इसी के बाद कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

आयोग का कहना है कि ऐसी बातें बच्चों को देश के कानून के खिलाफ ले जाने वाली हैं। इसलिए केस दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने संगठन के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिए हैं. आयोग की ओर से लिखी गई इसी चिट्ठी को आधार बनाते हुए केस दर्ज किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार इस केस की छानबीन दारोगा रीना कुमारी कर रही हैं।

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Author: nirbhiknazar

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