देहरादून। जिले में प्रतिबंधित प्लास्टिक के इस्तेमाल और खुले में कूड़ा डालने की समस्या पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी आशीष चौहान ने बृहस्पतिवार को समीक्षा बैठक में अधिकारियों को व्यापक जांच अभियान चलाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश
- सभी 100 वार्डों में जांच: नगर निगम के सभी 100 वार्डों में प्रतिबंधित प्लास्टिक और अवैध कूड़ा डंपिंग के खिलाफ सघन अभियान चलाया जाएगा।
- अवैध डंपिंग स्थलों की पहचान: क्षेत्रीय अधिकारियों को ऐसे स्थान चिह्नित करने, सफाई अभियान चलाने और प्लास्टिक कचरे का उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- प्लास्टिक की पूरी आपूर्ति शृंखला पर नजर: प्रतिबंधित प्लास्टिक के उत्पादन, भंडारण, आपूर्ति और इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई की जाएगी।
- औद्योगिक इकाइयों की जांच: राज्य कर विभाग को औद्योगिक इकाइयों में कच्चे माल की आपूर्ति, भंडार, उत्पादन क्षमता और वितरण व्यवस्था की जांच कर प्रतिबंधित प्लास्टिक की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क की पहचान करने को कहा गया।
- थोक कचरा उत्पादकों पर कार्रवाई: सभी उपजिलाधिकारियों को बड़े स्तर पर कचरा पैदा करने वाले संस्थानों और अवैध डंपिंग स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए गए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान भी किए जाएंगे।
- कूड़ा निस्तारण मशीनों की रिपोर्ट: विकासखंड और न्याय पंचायत स्तर पर स्थापित कूड़ा संपीड़न मशीनों की स्थिति, उनके चालू होने और उनके माध्यम से निस्तारित प्लास्टिक कचरे की मात्रा की रिपोर्ट मांगी गई।
- कालसी क्षेत्र की समस्या पर नाराजगी: कालसी क्षेत्र से कचरे को संपीड़न केंद्र तक पहुंचाने में अधिक खर्च आने का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने स्थल चयन में लापरवाही बरतने वाली टीम के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित प्लास्टिक पर नियंत्रण, कचरे का नियमानुसार निस्तारण और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने के लिए नियमित निगरानी के साथ प्रभावी कार्रवाई की जाए।