देहरादून: राज्य में कोरोना टीकाकरण अभियान में अप्रत्याशित तेजी और केंद्र से सप्लाई में हो रही देरी से वैक्सीन का संकट खड़ा हो सकता है। राज्य में एक दो दिन के लिए ही वैक्सीन बची हुई है और यदि नई डोज नही मिली तो परेशानी खड़ी हो सकती है। राज्य में पिछले एक सप्ताह से टीकाकरन में खासी तेजी आ गई है। इस वजह से वैक्सीन तेजी से खत्म हो रही है। राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ कुलदीप मर्तोलिया ने बताया कि राज्य में एक दो दिन के लिए स्टॉक है लेकिन यदि वैक्सीन मिलने में देरी हुई तो टीकाकरण अभियान प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र से वैक्सीन मांगी गई है। अगर वक़्त पर वैक्सीन नहीं मिलती हैं तो टीकाकरण अभियान रुक सकता है।

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ ही टीकाकरण कराने वालों की संख्या में अप्रत्याशित बढोत्तरी हो गई है। विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को राज्य भर में बनाए गए 718 टीकाकरण बूथों पर कुल 107658 लोगों को टीके लगाए गए। 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद से यह पहली बार है जब राज्य में एक ही दिन में एक लाख से अधिक लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए हैं। इसके साथ ही राज्य में टीके की एक डोज लगाने वालों की संख्या एक लाख 66 हजार के पार पहुंच गई है। जबकि एक डोज लगाने वालों का आंकड़ा 10 लाख को पार कर गया है। राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ कुलदीप सिंह मार्तोलिया ने बताया कि टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाई जा रही है ताकि कम से कम समय में राज्य की ज्यादा से ज्यादा आबादी को कवर किया जा सके।