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मनवीर के ‘गधे-घोड़े’ बयान से भाजपा में असहजता, सौरभ बहुगुणा की नसीहत के बाद कांग्रेस ने भी घेरा

देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान की ‘गधे-घोड़े’ वाली टिप्पणी को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए नेताओं पर की गई इस टिप्पणी पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सार्वजनिक रूप से सोच-समझकर बयान देने की नसीहत दी है। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने भाजपा में शामिल हुए नेताओं की राजनीतिक पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए पार्टी पर सवाल उठाए हैं।

मनवीर चौहान ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए नेताओं के संदर्भ में कहा था कि कांग्रेस में रहते हुए उनके विचार ‘गधे-घोड़े’ जैसे थे, लेकिन भाजपा में आने के बाद उनके विचारों में सुधार हुआ। उन्होंने भाजपा को विचारधारा आधारित पार्टी बताया था। इस बयान के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा में शामिल हुए मथुरा दत्त जोशी से ही पूछ लिया जाना चाहिए कि इस टिप्पणी के हिसाब से वे किस श्रेणी में आते हैं।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने भी पलटवार किया। जनवरी 2025 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए जोशी ने गणेश गोदियाल को कांग्रेस के भीतर झांकने की नसीहत देते हुए कहा कि भाजपा में निष्ठावान और काम करने वाले लोग हैं।

सौरभ बहुगुणा ने दी बयान में सावधानी बरतने की नसीहत

विवाद के बीच कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने अपनी ही पार्टी के मीडिया प्रभारी को जिम्मेदार पद की मर्यादा का ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को सोच-समझकर बयान देना चाहिए और विवादित टिप्पणियों से बचना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के इस मामले का संज्ञान प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री लेंगे।

कांग्रेस से भाजपा में आए नेताओं की पृष्ठभूमि चर्चा में

मनवीर चौहान के बयान के बाद भाजपा के कई नेताओं की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में आ गई है। सतपाल महाराज वर्ष 2014 में भाजपा में शामिल हुए थे। वर्ष 2016 में कांग्रेस के कई बागी नेताओं ने भाजपा का दामन थामा था। इनमें तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और हरक सिंह रावत सहित कई नेता शामिल थे। सुबोध उनियाल, प्रदीप बत्रा और रेखा आर्य भी कांग्रेस से भाजपा में आए नेताओं में शामिल हैं।

राम सिंह कैड़ा वर्ष 2012 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। वहीं, सौरभ बहुगुणा स्वयं कांग्रेस छोड़कर भाजपा में नहीं आए हैं, लेकिन उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा वर्ष 2016 में भाजपा में शामिल हुए थे। इन राजनीतिक बदलावों के बीच कांग्रेस से भाजपा में आए नेताओं पर की गई टिप्पणी ने पार्टी के भीतर और बाहर बहस को हवा दी है।

हरक सिंह रावत ने भी साधा निशाना

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत ने मनवीर चौहान के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा में कांग्रेस पृष्ठभूमि के कई नेता महत्वपूर्ण पदों पर हैं। उन्होंने वर्ष 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए चौहान की राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। रावत का कहना था कि यदि भाजपा इस बयान को गंभीरता से लेती है, तो उसे कांग्रेस से आए नेताओं को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

विधानसभा चुनाव से पहले सामने आए इस विवाद ने भाजपा में पुराने कार्यकर्ताओं और दूसरी पार्टियों से आए नेताओं के बीच राजनीतिक संतुलन को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। फिलहाल बयान पर मंत्री की नसीहत और कांग्रेस के पलटवार के बाद सभी की नजर भाजपा नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर है।

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Author: nirbhiknazar

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