देहरादून: उत्तराखंड की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। मंत्री ने अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए पति पर पहली शादी की बात छिपाने, दूसरी महिलाओं से संबंध रखने, शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना देने तथा जान से मारने की धमकी देने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें वह रोते हुए अपना पक्ष रखती नजर आ रही हैं। बताया गया है कि इस बीच उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
रेखा आर्या के अनुसार, एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद उन्हें अपनी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता हुई। उन्होंने दावा किया कि रिकॉर्डिंग में उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश से जुड़ी बातें थीं। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
कंपनी के निदेशक पद से हटाने के लिए हस्ताक्षरों के दुरुपयोग का आरोप
मंत्री ने पति पर कंपनी के निदेशक पद से उन्हें हटाने के लिए उनके हस्ताक्षरों का कथित रूप से गलत इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया है। प्राथमिकी में उन्होंने शादी के समय पहली शादी की जानकारी छिपाने, दूसरी महिलाओं से संबंध रखने, मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए हैं। उन्होंने जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वीडियो में रेखा आर्या ने महिलाओं से घरेलू हिंसा और प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को डर या दबाव के कारण अन्याय सहन नहीं करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता लेकर अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
15 अक्टूबर को दर्ज हुई प्राथमिकी
शिकायत के मुताबिक, कैंट थाना पुलिस ने 15 अक्टूबर 2026 को गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी संख्या 0158 दर्ज की। इसमें आपराधिक षड्यंत्र, मारपीट, धोखाधड़ी, महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जालसाजी, जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल, पूर्व विवाह छिपाकर दोबारा शादी करने, विवाहित महिला के साथ क्रूरता, जानबूझकर अपमान और आपराधिक धमकी देने सहित विभिन्न आरोप शामिल हैं। प्राथमिकी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं 3(1)(r), 3(1)(s) और 3(2)(va) भी लगाई गई हैं।
गिरधारी लाल साहू इसी साल जनवरी में भी विवादों में आए थे। बिहार की लड़कियों को लेकर उनके कथित बयान के सार्वजनिक होने के बाद विरोध प्रदर्शन हुए थे। विवाद बढ़ने पर उन्होंने अपने बयान को लेकर सफाई दी थी।
फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। प्राथमिकी में दर्ज आरोपों को अभी आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए; इनकी पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।