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राज्यपाल गुरमीत सिंह के पांच साल के कार्यकाल को CM धामी ने सराहा, विकास और जनसेवा में योगदान को बताया महत्वपूर्ण

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) के पांच साल के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड के विकास, शिक्षा, युवा प्रोत्साहन, महिला सशक्तीकरण और पूर्व सैनिकों के कल्याण में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित विदाई समारोह में धामी ने राज्यपाल को सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं और प्रदेश के प्रति उनके योगदान की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल ने अपने अनुभव, दूरदर्शी सोच, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों को नई दिशा देने का काम किया। उनके मार्गदर्शन में शिक्षा, उच्च शिक्षा, शोध, कौशल विकास और युवाओं के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहन मिला। उन्होंने युवाओं को नवाचार, उद्यमिता, राष्ट्रसेवा और उत्कृष्टता के लिए प्रेरित किया। महिला सशक्तीकरण और समाज के सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों में भी उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही।

सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण पर विशेष जोर

धामी ने कहा कि राज्यपाल ने उत्तराखंड की सैन्य परंपरा और वीर सैनिकों के त्याग को हमेशा सम्मान दिया। पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति उनकी संवेदनशीलता के साथ युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रनिर्माण की भावना जगाने के प्रयास सराहनीय रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल ने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए प्रदेश सरकार, प्रशासन, शिक्षण संस्थानों और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ समन्वय बनाए रखा। उनका सौम्य व्यक्तित्व, सरल व्यवहार और उत्तराखंड के प्रति आत्मीय लगाव सदैव याद किया जाएगा। धामी ने उनके स्वस्थ, सुखमय और सफल भावी जीवन की कामना की।

‘उत्तराखंड के लोगों का स्नेह सबसे अनमोल उपलब्धि’

विदाई समारोह में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने मुख्यमंत्री, प्रदेश सरकार, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संस्थानों और प्रदेशवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य करना उनके लिए गौरव और सौभाग्य की बात रही। यहां की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, आध्यात्मिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और लोगों की आत्मीयता को करीब से जानने का अवसर मिला।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों से मिला स्नेह, विश्वास और सहयोग उनके कार्यकाल की सबसे अनमोल उपलब्धियों में शामिल है। यहां के लोगों का सरल स्वभाव, अतिथि सत्कार, राष्ट्र के प्रति समर्पण और संस्कृति से जुड़ाव उन्हें हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

उन्होंने कहा कि विगत पांच वर्षों में प्रदेश के विकास, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, युवा प्रोत्साहन, पूर्व सैनिकों के सम्मान और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर काम करने के अवसर मिले। इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में प्रदेश सरकार, प्रशासन, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आमजन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

युवा शक्ति और महिला सशक्तीकरण को बताया विकास का आधार

राज्यपाल ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और संकल्प किसी भी राज्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। उत्तराखंड के युवाओं में नवाचार और राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने की अपार क्षमता है। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, आत्मनिर्भरता और सामाजिक नेतृत्व भी प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के महत्वपूर्ण आधार हैं।

उन्होंने उत्तराखंड के वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों, सीमांत क्षेत्रों के लोगों और प्रदेश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को अपने लिए विशेष महत्व का बताया। राज्यपाल ने प्रदेश की निरंतर उन्नति, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री आवास में आयोजित विदाई समारोह के अलावा लोक भवन में भी विभिन्न क्षेत्रों के लोगों, गणमान्य व्यक्तियों और अधिकारियों ने राज्यपाल से भेंट कर उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने सभी के स्नेह और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। समारोह में जनप्रतिनिधियों, विधायकों, वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य विशिष्टजन ने भी भाग लिया।

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Author: nirbhiknazar

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